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हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ किसी तरह की जांच पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी। कोर्ट ने स्वाति को राहत दी है, लेकिन पुलिस से कुछ सवाल जरूर पूछे हैं। कोर्ट ने सरकार और पुलिस से ये बताने के लिए कहा है कि मामले में आईपीसी की धाराएं 153ए और 295 ए किस आधार पर लगाई गईं हैं। यहां आपको पूरा मामला भी बताते हैं। स्वाति ने बीते दिनों नैनीताल के डीएसए मैदान में एक ब्लॉग बनाया था, जिसमें उन्होंने यहां लहरा रहे भगवा झंडे पर सवाल खड़े किए थे। उनका ये वीडियो वायरल हुआ तो हिंदूवादी संगठन उनके खिलाफ सड़कों पर उतर आए। उन्होंने कहा कि स्वाति ने अपने वीडियो में हिंदुओं का अपमान किया।
मल्लीताल कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने स्वाति के खिलाफ मल्लीताल कोतवाली में धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने स्वाति नेगी के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कराए थे। इसके खिलाफ स्वाति नेगी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की थी। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अब हाईकोर्ट ने एफआईआर की जांच पर रोक लगाते हुए पुलिस से जवाब देने के लिए कहा है। यूट्यूबर स्वाति नेगी कोटद्वार की रहने वाली हैं। स्वाति पर आरोप है कि उन्होंने टि्वटर में पोस्ट किए गए एक व्लॉग में हिंदू धर्मावलंबियों के लिए अपशब्द कहे। हिंदू धर्मावलंबियों को भगवा आतंकवादी तक कह दिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा है।