उत्तराखंड: मजदूर पिता के बेटे ने एशियन चैंपियनशिप में जीता मेडल, उधार लेकर जुटाए थे पैसे

रुद्रपुर निवासी जय प्रकाश ने सातवीं चैंपियनशिप जू जितसु में कांस्य पदक जीत लिया है।जय प्रकाश के पिता मजदूरी करते हैं।
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Uttarakhand Jai Prakash Asian Championship: Rudrapur Jai Prakash won medal in Ju-Jitsu Asian Championship
Image: Rudrapur Jai Prakash won medal in Ju-Jitsu Asian Championship

रुद्रपुर: हाल ही में थाईलैंड में आयोजित जु-जित्सू एशियन चैंपियनशिप का आयोजन हुआ जिसमें अपना दमखम दिखाते हुए देश भर से छह खिलाड़ियों ने कांस्य पदक जीतकर नाम रोशन किया है।

Rudrapur Jai Prakash won medal in Asian Championship

इसमें तीन उत्तराखंड से हैं। मगर आज हम बात करेंगे उनकी जिनके लिए यह बेहद कठिन था।रुद्रपुर निवासी जयप्रकाश ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके पिता मजदूरी करते हैं और बेटे को विदेश भेजने के लिए 90 हजार रुपये जुटाना उनके लिए मुश्किल था। किसी तरह उन्होंने रुपए उधार लेकर अपने बेटे को चैंपियनशिप में भेजा और रुपये उधार लेकर बेटे को रवाना किया। उन्होंने भी अपने मां-बाप की उम्मीदों पर पानी नहीं फेरा और उनकी मेहनत को सफल करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। आखिरकार जयप्रकाश ने अपनी प्रतिभा के बूते बेहतरीन कर कांस्य पदक जीतकर दिखा दिया। बता दें कि बैंकाक (थाइलैंड) में 24 से 28 फरवरी तक जु-जित्सू एशियन चैंपियशिप हुई। जु–जित्सू एसोसिएशन आफ इंडिया के अध्यक्ष रेंशी विनय कुमार जोशी ने बताया कि जु–जित्सू इंटरनेशनल फेडरेशन व जु–जित्सू एशियन यूनियन की तरफ से आयोजित प्रतियोगिता में एशिया के 30 देशों के 500 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। भारत से 34 खिलाड़ी बैंकाक पहुंचे थे। इसमें उत्तराखंड से रुद्रपुर के बुक्सौरा गांव निवासी जयप्रकाश, हल्द्वानी की नव्या पांडेय और आदर्श शर्मा ने बेहतरीन प्रदर्शन कर कांस्य पदक जीता।

विजेता खिलाड़ियों को चीन के होंगझाऊ शहर में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स में शामिल किया जाएगा। वहीं 19 वर्षीय जय प्रकाश ने बताया कि उनके घर की आर्थिक स्थिति खराब है और पिता प्रेम चंद्र दिहाड़ी में मजदूरी करते हैं। जब प्रतियोगिता के लिए बैंकाक जाने की बारी आई तो उनके पास रुपये नहीं थे। उन्हें करीब 90 हजार रुपये की जरूरत थी। मां मीना देवी ने गांव बुक्सौरा में महिला स्वयं सहायता समूह से और कुछ अन्य जान पहचान वालों से तीन प्रतिशत ब्याज पर रुपये उधार लिए। उनके कोच की ओर से भी इंटरनेट मीडिया पर बैंक अकाउंट देकर मदद की अपील की गई थी जिससे करीब 40 हजार रुपये की मदद मिली।और 56 किलो भार वर्ग में जय प्रकाश ने पदक जीतकर यह तो साबित कर दिया है कि प्रतिभा हो तो नामुमकिन कुछ भी नहीं। जु-जित्सु एशियन चैंपियनशिप में हल्द्वानी के आदर्श शर्मा और नव्या पांडे ने भी कांस्य पदक जीत कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।