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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: देहरादून में ट्रैफिक का हाल सबको पता है। खासकर यहां की सड़कों पर सिर्फ विक्रम, ऑटो और सिटी बस चालकों का राज चलता है।
ये कहीं भी वाहन रोककर सवारियां बैठाने लगते हैं। लेफ्ट टर्न बाधित करते हैं, जिससे सड़कों पर हर वक्त जाम लगा रहता है। अब इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। ट्रैफिक पुलिस ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए खास अभियान शुरू किया है। इसके तहत विक्रम और सिटी बसों की चेकिंग की जा रही है। अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस ने महज दो दिन के भीतर 180 विक्रम और 35 सिटी बसों के खिलाफ कार्रवाई की। साथ ही 67 वाहन सीज किए गए। ऊधमसिंहनगर में भी सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए चेकिंग अभियान चल रहा है। यहां एआरटीओ ने 10 कमर्शियल वाहनों को सीज किया है। चलिए पहले देहरादून की बात करते हैं, जहां इन दिनों ई-रिक्शा, सिटी बसों और विक्रम चलाने वालों की खूब खबर ली जा रही है। सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। आगे पढ़िए
जो लोग देहरादून में रहते हैं, उन्हें सिटी बस और विक्रम चालकों की मनमानी के बारे में बताने की जरूरत नहीं है। ये किसी भी तिराहे-चौराहे पर वाहन खड़ा कर देते हैं। सवारियों को बैठाने के लिए कहीं भी वाहन रोक देते हैं। प्रतिबंधित मार्गों पर भी सिटी बसें और विक्रम दौड़ते नजर आते हैं। इससे दूसरे वाहन चालकों को परेशानी होती है। अब ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए 14 मार्च से शहर में खास अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अब तक 180 विक्रमों और 35 सिटी बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 67 वाहन सीज किए गए। एसपी ट्रैफिक अक्षय कोंडे ने कहा कि वाहन चालकों को चेतावनी दी गई है कि अगर दोबारा नियम तोड़ते पकड़े गए तो परमिट कैंसिल करने की कार्रवाई की जा सकती है। देहरादून की ही तरह ऊधमसिंहनगर के सितारगंज में भी एआरटीओ ने चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कई वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।