परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने कहा कि नैनो योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर 25 से 30 फीसदी तक सब्सिडी देने पर विचार किया जा रहा है।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: 30 percent subsidy on electric vehicles in Uttarakhand
देहरादून: उत्तराखंड में वाहन प्रदूषण कम करने के लिए 10 साल पुराने डीजल वाले कमर्शियल वाहनों को बाहर करने की तैयारी है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों लोग प्रभावित होंगे।
30 percent subsidy on electric vehicles in Uttarakhand
इन्हें राहत देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद पर 30 फीसदी तक सब्सिडी दी जाएगी। ये जानकारी परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने एक कार्यक्रम में दी। मंगलवार को परिवहन मंत्री ने आरटीओ कार्यालय में वाहन जनित प्रदूषण एवं देहरादून में परिवहन व्यवस्था का भविष्य विषय पर हुए सेमिनार का शुभारंभ किया। इस मौके पर परिवहन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का मकसद किसी को बेरोजगार करना नहीं है। नैनो योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर 25 से 30 फीसदी तक सब्सिडी देने पर विचार किया जा रहा है। आगे पढ़िए
नए कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एमएसएमई के तहत पीएम स्वरोजगार योजना, सीएम स्वरोजगार योजना और नैनो योजना में 25 से 30 फीसदी तक की सब्सिडी दी जाएगी। वाहन प्रदूषण रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और एनजीटी ने 10 साल पुराने डीजल वाहनों को बाहर करने के आदेश दिए हैं, जिसका पालन किया जा रहा है। जो भी लोग इस निर्णय से प्रभावित हो रहे हैं, उनको राहत देने पर विचार किया जा रहा है। परिवहन मंत्री ने चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 23 साल में पहली बार रोडवेज घाटे से उबरा है। चारधाम यात्रा से पहले रोडवेज 100 नई बसें खरीदेगा। 200 सीएनजी बसों के टेंडर हो चुके हैं। साथ ही 60 इलेक्ट्रिक बसें भी खरीदी जा रही हैं।