अपने पैरेंट्स को मम्मी-पापा कहकर बुलाने वाला 7 साल का बच्चा अचानक उन्हें अम्मी-अब्बू बोलने लगा। माता-पिता बच्चे में आए इस बदलाव से हैरान थे।
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कोमल नेगी
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Image: dehradun manish mittal son ammi abbu case
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून। यहां रहने वाले मनीष मित्तल ने अपने बेटे का एडमिशन आईसीएसई बोर्ड के स्कूल में कराया।
Dehradun son ammi abbu case
उन्हें लगा कि बच्चे का फ्यूचर सेट हो जाएगा, लेकिन पिछले दिनों बच्चे ने उन्हें झटका दे दिया। अपने पैरेंट्स को मम्मी-पापा कहकर बुलाने वाला 7 साल का बच्चा अचानक उन्हें अम्मी-अब्बू बोलने लगा। माता-पिता बच्चे में आए इस बदलाव से हैरान थे। जब बच्चे से पूछा गया कि वो ये सब कहां से सीख रहा है तो पता चला कि उसकी अंग्रेजी की किताब में माता-पिता को अम्मी-अब्बू लिखा गया है। इसीलिए बच्चा पैरेंट्स को अम्मी-अब्बू बुलाने लगा। बच्चे में आए इस असामान्य बदलाव से मनीष बेहद परेशान हो गए। अब उन्होंने इसकी शिकायत जिलाधिकारी सोनिका से की है। उन्होंने बताया कि उनका सात साल का बेटा आईसीएसई बोर्ड के स्कूल में कक्षा 2 में पढ़ता है।
बीते दिनों उन्हें पता चला कि बच्चे की अंग्रेजी विषय की गुलमोहर-दो नाम की पुस्तक के एक पाठ में मदर-फादर की जगह अम्मी-अब्बू लिखा गया है, जो कि घोर आपत्ति का विषय है। मनीष ने आरोप लगाया कि इस तरह के शब्द उर्दू की किताब के लिए उपयुक्त हो सकते हैं, लेकिन अंग्रेजी की किताब में ऐसे शब्दों का प्रयोग अनुचित है। अंग्रेजी की पुस्तक में इस तरह के शब्दों का प्रयोग कर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया गया है। इस पुस्तक का प्रकाशन ओरिएंट ब्लैक स्वान हैदराबाद ने किया है। मनीष ने कहा कि ऐसी किताबों की जांच होनी चाहिए, इन पर रोक लगाई जानी चाहिए। बहरहाल शिकायत मिलने पर डीएम ने मामले की जांच मुख्य शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है। उन्हें एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।