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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में लैंड जिहाद के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चल रहा है। अवैध रूप से बनी मजारें और धार्मिक ढांचे बुलडोजर से ढहाए जा रहे हैं।
जल्द ही अपने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता भी लागू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता राज्य में लागू करने के लिए समिति गठित की गई है। जो 30 जून तक ड्राफ़्ट तैयार कर लेगी। जैसे ही ड्राफ्ट प्राप्त होगा, वैसे ही राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। इस तरह जून के बाद उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य होगा, जहां समान नागरिक संहिता लागू होगी। रुद्रपुर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने लैंड जिहाद पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। मगर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जब तक देवभूमि अतिक्रमण मुक्त नहीं हो जाती, तब तक अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। द केरेला स्टोरी फिल्म का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि धर्मान्तरण घुन की तरह लगता है। बिना गोला बारूद के आतंक फैलाया जा रहा है। धर्मान्तरण के क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा कानून उतराखंड ने लागू किया है। बता दें कि सीएम के निर्देश पर प्रदेश में समान नागरिक संहिता के परीक्षण एवं क्रियान्वयन के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था। 27 मई 2022 को गठित इस समिति को छह महीने में ड्राफ्ट तैयार कर रिपोर्ट सरकार को देनी थी, लेकिन अभी 75 फीसदी ड्राफ्ट ही तैयार हो पाया है। ऐसे में समिति का कार्यकाल चार महीने के लिए बढ़ाया गया है।