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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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चमोली: जोशीमठ शहर अपने वजूद को बचाए रखने की लड़ाई लड़ रहा है। पूरा शहर भू-धंसाव से प्रभावित है।
यहां के लोग अपने आशियानों को जमींदोज होते देखने को मजबूर हैं। कुछ महीने पहले जब जोशीमठ में ट्रीटमेंट का काम शुरू हुआ तो लगा कि अब सब ठीक हो जाएगा, लेकिन यहां एक बार फिर मकानों में दरारें गहरी होने लगी हैं। सिंहधार वार्ड स्थित असुरक्षित घोषित किए एक मकान में बुधवार रात तेज आवाज के साथ दरारें बढ़ गईं, जिससे परिवार के लोग दहशत में आ गए। परिवार के लोगों ने प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें होटल से बाहर निकाल दिया गया, जिस वजह से वो असुरक्षित घर में रहने को मजबूर हो गए। अब प्रशासन ने प्रभावित परिवार को नगर पालिका में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित प्रकाश भोठियाल का मकान सिंहधार वार्ड में है।
वो बताते हैं कि बुधवार को रात 10 बजकर 40 मिनट पर कुछ चटकने की तेज आवाज आई। सुबह वो उठे तो देखा कि घर की सीढ़ी छत से चिपकी हुई है। पूरी छत धंस गई थी। दीवार पर पड़ी दरारें भी गहरी हो गईं। प्रकाश ने प्रशासन द्वारा प्रभावितों के लिए किए गए इंतजामों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राहत शिविर में रहने के दौरान उनके हाथ में चोट लग गई थी, उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। इस बीच वो जिस होटल में ठहरे थे वहां के मालिक और नोडल अधिकारी ने भी फोन कर उनसे होटल खाली कर देने को कहा। इन लोगों ने कहा कि यात्रा सीजन में होटल की बुकिंग आनी शुरू हो गई है। प्रकाश कहते हैं कि अस्पताल से लौटने के बाद वो अपने असुरक्षित घर में लौट आए थे। बीते दो महीने से वो यहीं रहने को मजबूर हैं। अन्य प्रभावित भी इसी तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं।