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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
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हरिद्वार: गैंगस्टर संजीव जीवा..इस छंटे हुए बदमाश का नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई आपराधिक गैंग से जुड़ा रहा।
जब उत्तराखंड गठन हुआ तो इसके बाद हरिद्वार के नाजिम गैंग में वो बतौर शूटर शामिल हुआ था। इसके कुछ ही दिन बाद संजीव ने नाजिम को हटाया और खुद इस गैंग का सरगना बन बैठा। साल 2000 के बाद कई सालों तक नाजिम गैंग में संजीव जीवा की तूती बोलती थी। संजीव जीवा ने एक के बाद एक गैंग बदले और इस वजह से बाकी गैंग के बदमाश उसके दुश्मन बन गए थे। संजीव जीवा को रास्ते से हटाने की कई बार साजिशें भी की गईं लेकिन संजीव जीवा शातिर था। वो हर बार पुराने मुकदमों में जमानत तुड़वाकर खुद जेल चला जाता और अपनी जान बचा लेता था। संजीव जीवा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की गैंग को छोड़कर साल 2000 में उत्तराखंड के हरिद्वार का रुख किया। आगे पढ़िए
यहां वो नाजिम के गिरोह में शामिल हो गया था। संजीव ने साल 2000 में कनखल क्षेत्र में एक मर्डर को अंजाम दिया। इसके बाद वो फिर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश भाग गया। साल 2004 में संजीव जीवा का नाम रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में एक ट्रांसपोर्टर की हत्या में जुडा। इसके बाद संजीव जीवा नाजिम गैंग का सरगना बन गया। उसने अपने गुर्गों के माध्यम से हरिद्वार में साल 2007 में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की। कुछ दिनों तक जेल में रहने के बाद संजीव जीवा ने जेल से ही एक व्यापारी को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद संजीव जीवा मैनपुरी में एक हत्या के मामले में जेल चला गया। इसके बाद 2017 में उसने एक और प्रॉपर्टी डीलर की हत्या कराने साजिश रची। लेकिन, उसके गुर्गों ने गलतफहमी में एक जैसी कदकाठी वाले कंबल व्यापारी अमित दीक्षित को मार डाला। कुल मिलाकर संजीव जीवा gangster sanjeev jeeva का दबदबा उत्तराखंड में भी रहा।