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उधमसिंह नगर: कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या की साजिश रचे जाने के मामले में एसआईटी की जांच आखिरकार पूरी हो गई है।
इस मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों ने जेल में रहने के दौरान यह साजिश रची थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने डीआईजी कुमांऊ के नेतृत्व में जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने गत सप्ताह शासन को रिपोर्ट सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि चारों ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। चारों तब से जेल में है, इनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। आगे पढ़िए
जांच के अनुसार मुख्य आरोपी हीरा सिंह की अवैध गतिविधियों पर लगाम के चलते वो मंत्री बहुगुणा से रंजिश रख रहा था। सितारगंज जेल भेज दिया गया। वहां उसकी मुलाकात बरेली निवासी सतनाम से हुई। सतनाम ने इसको किच्छा निवासी बदमाश अजीज का नाम सुझाया। सूत्रों के मुताबिक पता लगा है कि अजीज के पास शूटर का एक लंबा चौड़ा नेटवर्क है। हीरा सिंह के जेल से बाहर आने पर सितारंगज निवासी हरभजन ने उसकी मुलाकात अजीज से कराई। डील पक्की होने पर उन्होंने मंत्री की रैकी शुरु कर दी थी। हालांकि उनकी साजिश लीक होने से, उनका भांडा फूट गया। फिलहाल पुलिस ने चारों आरोपियों को दोबारा से जेल में डाल दिया है और उनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है।