गुरप्रीत के आखिरी शब्दों से साफ पता चलता है कि वो मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। हर समस्या के लिए वो खुद को ही जिम्मेदार मान बैठी थी।
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कोमल नेगी
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Image: dehradun premnagar gurpreet suicide case
देहरादून: ‘मेरी वजह से सब परेशान हैं। मेरे हसबैंड बहुत अच्छे हैं। मैं किसी के प्यार के काबिल नहीं हूं। मुझे माफ कर दो। नैंसी बहुत सपोर्ट करती है। मेरी वजह से जसमत बीमार हो गया। मुझे सब माफ कर दो’।
dehradun prenagar gurpreet suicide case
ये शब्द गुरप्रीत नाम की महिला के आखिरी शब्द हैं। देहरादून के प्रेमनगर में रहने वाली गुरप्रीत ने मंगलवार सुबह फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि महिला चुन्नी के सहारे फंदे पर लटकी हुई थी। उसे नीचे उतारकर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरप्रीत अपने पति मंजीत और परिवार के साथ प्रेमनगर इलाके में रहती थी। पति मंजीत कपड़ों का व्यापार करते हैं। मंगलवार सुबह मंजीत किसी काम से बाहर गए हुए थे। आगे पढ़िए
तभी सुबह साढ़े 8 बजे गुरप्रीत की देवरानी घर पहुंची तो देखा कि गुरप्रीत बेडरूम में फंदे के सहारे लटकी हुई है। अचानक हुई इस घटना से हर कोई सन्न रह गया। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें गुरप्रीत ने लिखा है कि मेरी वजह से सब परेशान हैं। मैं किसी के प्यार के काबिल नहीं हूं, मुझे माफ कर दो। गुरप्रीत के आखिरी शब्दों से साफ पता चलता है कि वो मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। हर समस्या के लिए वो खुद को जिम्मेदार मान रही थी। मन ही मन घुट रही गुरप्रीत से जब सहा नहीं गया तो उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। फिलहाल महिला की खुदकुशी की वजह का साफ-साफ पता नहीं चल सका है। पुलिस ने सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। मामले की तहकीकात जारी है।यह भी पढ़ें - Insert Hindi Title