सरयू श्मशान घाट पर एक साथ सात चिताएं लगाईं गईं, तो हर कोई फफक-फफक कर रो पड़ा। इस हृदयविदारक दृश्य ने हर किसी को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया।
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कोमल नेगी
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Image: Pithoragarh road accident funeral of 7 people
पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ जिले में गुरुवार को हुए सड़क हादसे में 10 लोगों की जान चली गई। हादसे में जान गंवाने वाले लोग बागेश्वर के शामा और भनार गांव के रहने वाले थे।
Pithoragarh accident funeral of 7 people
शुक्रवार को बागेश्वर के सरयू श्मशानघाट पर 7 लोगों की चिताएं एक साथ जली। इस हृदयविदारक दृश्य ने हर किसी को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया। परिजनों की आंखें नम हैं तो वहीं गांव के लोग भी गमजदा हैं। दो दिनों से यहां किसी घर में चूल्हा नहीं जला। हादसे में जान गंवाने वालों में सेना के दिवंगत सूबेदार शामा निवासी शंकर सिंह कोरंगा और हवलदार सुंदर सिंह भी शामिल हैं। दोनों को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। दो लोगों का अंतिम संस्कार कपकोट के खीर गंगा घाट और एक मृतक का अंतिम संस्कार भनार गांव के प्यूंगाड़ श्मशान घाट पर हुआ। शुक्रवार सुबह शामा निवासी सूबेदार शंकर सिंह, हवलदार सुंदर सिंह, किशन सिंह, कुंदन सिंह, उमेश सिंह, निशा कोरंगा, धर्म सिंह के शवों का बागेश्वर में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
यह मंजर देखकर हर कोई गमगीन हो गया। सरयू श्मशान घाट पर एक साथ सात चिताएं लगाईं गईं। भनार निवासी दान सिंह और खुशाल सिंह का अंतिम संस्कार कपकोट के खीरगंगा घाट पर किया गया। भनार निवासी मृतक महेश सिंह का अंतिम संस्कार भनार के प्यूंगाड़ श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में किया गया। बता दें कि गुरुवार को बागेश्वर के शामा गांव से पिथौरागढ़ के होकरा जा रही बोलेरो गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे में क्षेत्र पंचायत सदस्य कुंदन सिंह और उनके इकलौते बेटे उमेश सिंह और बहू निशा समेत 10 लोगों की मौत हो गई। खस्ताहाल सड़क की वजह से हुए हादसे के बाद से हर कोई नाराज है। गांव के लोग जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।