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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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ऋषिकेश: केंद्र सरकार और उत्तराखंड सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं में से एक ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट का कार्य गतिशील है और तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यह देखना बेहद सुखद है कि यह प्रोजेक्ट धीरे-धीरे आकार ले रहा है। और अगर इसी स्पीड से काम चलता रहा तो जल्द ही उत्तराखंड और अन्य श्रद्धालुओं के हिस्से यह अनोखी सौगात आ जाएगी। इसका कार्य काफी तेजी से चल रहा है। बता दे कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक और सुंरग को आर-पार किया गया है जिसकी लंबाई लगभग 3.2 किमी है। आगे पढ़िए
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना लगभग 125 किमी लंबी है जिसके अंतर्गत आने वाली सुरंगों की संख्या 17 तथा इनकी कुल लंबाई 6.2 किमी है। हाल में नरकोटा से जवाड़ी बाईपास तक सुरंग बनाने के लिए 500 कर्मचारी लगे हुए है।इस रेल लाइन पर 35 पुल भी बनाए जाने हैं। वही इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से 2 स्टेशन बाहर तथा 10 स्टेशन सुरंग के अंदर तैयार किए जाएंगे। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग जाने में 7 घंटे का समय लगता है लेकिन इस रेल परियोजना के पूरा होने पर मात्र 2 घंटे का समय ही लगेगा। ऋषिकेश से बद्रीनाथ जाने वाले यात्री केवल 4 घंटे में ही यात्रा को पूरी कर लेंगे। अभी ऋषिकेश से कर्णप्रयाग 11 घंटे का समय लगता है। वहीं रेल लाइन बनने के बाद यात्रा महज 4.30 घंटे में पूरी हो जाएगी जिससे यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी।