उत्तराखंड में ‘बालिका वधू’ बनने वाली थी एक बच्ची, मंडप सजते ही मच गया बवाल

मंडप सज गया था। दूल्हा-दुल्हन के परिवार वाले मौके पर मौजूद थे। रस्में शुरू होने वाली थीं कि तभी पुलिस मौके पर पहुंच गई। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Pithoragarh Child Marriage: Police stopped child marriage in Pithoragarh
Image: Police stopped child marriage in Pithoragarh

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले में बाल विवाह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

Police stopped child marriage in Pithoragarh

बीते दिन यहां एक नाबालिग की शादी की जा रही थी, लेकिन पुलिस व चाइल्ड हेल्पलाइन ने समय पर एक्शन लेकर नाबालिग की जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली। पुलिस ने शादी रुकवा दी, साथ ही परिजनों से शपथ पत्र भी भरवाया कि वो बालिग होने तक लड़की की शादी नहीं करेंगे। ऐंचोली पुलिस को सूचना मिली थी कि एक नेपाली लड़की की शादी होने जा रही है। लड़की नाबालिग थी। उसकी शादी के लिए मंदिर में सभी तैयारियां हो चुकी थीं। मंडप सज गया था। दूल्हा-दुल्हन के परिवार वाले मौके पर पहुंच गए थे। तभी पुलिस मौके पर पहुंच गई और शादी रुकवा दी। जन्म प्रमाण पत्रों की जांच में पता चला लड़की नाबालिग है। वो मूलरूप से नेपाल की रहने वाली है और वर्तमान में अपनी दीदी के घर पर रह रही है। नाबालिग की शादी क्षेत्र के ही एक युवक से होने जा रही थी।

Pithoragarh Child Marriage

नाबालिग ने पूछताछ मे बताया कि जिस युवक से उसकी शादी हो रही है, उससे वो फेसबुक पर मिली थी। दोनों ने आपसी सहमति से शादी का फैसला किया था। मौके पर पहुंची एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम और पुलिस ने लड़की का जन्म प्रमाण पत्र चेक किया तो पता चला कि वो नाबालिग है। टीम के द्वारा लड़की व उसके परिजनों की काउंसलिंग की गई तथा संबंधित कानून की जानकारी देते हुए बताया गया कि नाबालिग की शादी कराना कानूनन अपराध है। जिसके बाद दोनों परिवारों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उन्होंने बताया कि उन्हें कानून की जानकारी नहीं थी। अब वो युवक-युवती के बालिग होने पर ही उनकी शादी करेंगे। काउंसलिंग के बाद लड़की को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।