कुंवारी गांव में लगातार भूस्खलन से शंभू नदी में झील बन रही है, जिससे बागेश्वर और चमोली जिले में नुकसान हो सकता है।
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कोमल नेगी
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Image: Lake formed in Shambhu river in Bageshwar
बागेश्वर: मानसून के रफ्तार पकड़ते ही प्रदेश में एक बार फिर आपदा जैसे हालात बनने लगे हैं। तमाम पहाड़ी जिलों के साथ बागेश्वर में भी बारिश हो रही है।
Lake formed in Shambhu river in Bageshwar
यहां पिंडर नदी की सहायक शंभू नदी पर झील बनने की सूचना है, लगातार भूस्खलन से शंभू नदी में झील बन रही है, जिससे बागेश्वर और चमोली जिले में नुकसान हो सकता है। कुंवारी गांव में भूस्खलन के चलते शुक्रवार को शंभू नदी में झील बन गई। इससे झील के निचले इलाकों में बसे गांवों को खतरा उत्पन्न हो गया है। लोग डरे हुए हैं। डीएम के निर्देश पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके के लिए रवाना हो गए हैं। बात करें कुंवारी गांव की तो यहां साल 2013 से भूस्खलन हो रहा है, जिसका मलबा सीधे शंभू नदी में गिर रहा है। पिछले साल भी यहां पर झील बन गई थी। तब झील की लंबाई 500 मीटर से अधिक बताई गई थी। अब यहां पर झील एक बार फिर आकार ले रही है, जो कि कभी भी तबाही का सबब बन सकती है।
Lake formed in Shambhu river
जहां झील बनी है, वहां से एक किमी आगे चमोली जिला शुरू हो जाता है। अगर झील टूटी तो चमोली के अरमल, थराली, नारायणबगड़ क्षेत्र में तबाही मच सकती है। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी बारिश से सड़कें बंद हैं। हल्द्वानी में शेर और सूर्या नाला के उफान पर आने के बाद हल्द्वानी-चोरगलिया मुख्य मार्ग कई घंटे बंद रहा। तेज वर्षा से टनकपुर-चंपावत हाईवे पर धौन के पास मलबा आने से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। भूस्खलन के चलते बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है। आज भी प्रदेश के पहाड़ी जिलों में मौसम खराब रहेगा देहरादून, टिहरी व पौड़ी में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तीव्र बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, कुमाऊं के नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी वर्षा के आसार हैं। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।