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देहरादून: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व आईएएस रामविलास यादव पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। बीते साल रिटायर्ड आईएएस रामविलास यादव को विजिलेंस ने लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।
तब से रामविलास जेल में बंद है। अब ईडी ने रिटायर्ड आईएएस रामविलास के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रामविलास और उनके परिवार की 20 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को अटैच किया है। इनमें 18 करोड़ रुपये की चल और दो करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियां शामिल हैं। ईडी ने यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के लखनऊ और उत्तराखंड के देहरादून में की है। बता दें कि आईएएस रामविलास पर भ्रष्टाचार का आरोप है। सरकार के निर्देश पर विजिलेंस ने उनके खिलाफ जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि वर्ष 2013 से 2016 के बीच ज्ञात स्रोतों से यादव की कमाई 78 लाख रुपये थी। जबकि उन्होंने इस बीच 21.40 करोड़ रुपये खर्च कर डाले। विजिलेंस ने जवाब मांगा तो यादव ने कोई जवाब नहीं दिया।
विजिलेंस ने चार्जशीट में यादव की संपत्ति को ज्ञात स्रोत से 2626 प्रतिशत अधिक बताया था। पिछले दिनों इस केस में ईडी की भी एंट्री हो गई। 19 मई को ईडी ने औपचारिक गिरफ्तारी के बाद यादव को 23 मई को 4 दिन की कस्टडी में लिया था। अब ईडी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यादव की संपत्तियों को अटैच करने की जानकारी दी गई है। ईडी के अनुसार, अवैध रूप से कमाए गए धन से यादव ने परिवार के सदस्यों के नाम पर चार जमीनें और एक फ्लैट खरीदा था। पूर्व आईएएस ने अपनी काली कमाई से कई भवन बनवाए। ईडी ने उनके परिवार के सदस्यों की 18.33 करोड़ रुपये की चल और लगभग 2.03 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अटैच किया है। अचल संपत्तियों में विभिन्न बैंकों में परिवार के नाम की एफडी शामिल हैं। जबकि, अचल संपत्तियों में पैतृक गांव की जमीन शामिल है। रामविलास यादव उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे। आईएएस बनने के बाद IAS Ram Vilas Yadav लखनऊ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे। कई साल तक उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव भी रहे। रामविलास यादव ने देहरादून में भी 6 फ्लैट खरीदे थे।