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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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कोटद्वार: उत्तराखंड में आफत की बारिश से राहत नहीं मिल रही। कहीं सड़कें भूस्खलन का शिकार हो रही हैं तो कहीं पुल टूट रहे हैं।
गुरुवार को कोटद्वार में भी डबल लेन मोटर पुल टूट गया। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी। पुल टूटने के कारण 40 वर्षीय प्रशांत उर्फ निक्की डबराल नदी में बह गया था। तब से उसके शव की तलाश जारी थी। शुक्रवार को एसडीआरएफ की टीम ने युवक के शव को बरामद कर लिया। युवक का शव पुल से 9 किलोमीटर दूर बरामद हुआ। मृतक प्रशांत का परिवार हल्दूखाता में रहता है। उसके अलावा दो अन्य लोग अभी भी लापता हैं। दरअसल गुरुवार को मोटाढांक में मालन नदी पर बना डबल लेन पुल बाढ़ और भू-कटाव की चपेट में आने से टूट गया था। उस वक्त उफनाई नदी को देखने के लिए लोग बड़ी तादाद में पुल पर जमा थे। आगे पढ़िए
इसी दौरान पुल के बीच का एक हिस्सा टूट गया। घटना के वक्त दो लोगों ने रेलिंग पकड़ी हुई थी, जिससे उनकी जान बच गई, लेकिन प्रशांत पानी के उफान में बह गया। दूसरे लोगों ने भी किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। मोटाढांक का यह पुल साल 2010 में बनकर तैयार हुआ था। उससे पहले क्षेत्र के लोगों को रपटे से आवाजाही करनी पड़ती थी। बारिश के दौरान यातायात का साधन नहीं रहता था। तब राज्य सरकार ने भाबर के लोगों की सहूलियत के लिए 12.35 करोड़ की लागत से पुल बनवाया। अब इस पुल के टूटने से लालढांग समेत हल्दूखाता के 35 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क कट गया है। क्षेत्रवासियों ने पुल टूटने के लिए लोक निर्माण विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है।