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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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अल्मोड़ा: उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में अब भी दिल्ली और आसपास के राज्यों के लोग की खरीद-फरोख्त जारी है।
यह लोग धांधली कर और पहाड़ के भोले भाले लोगों को चूना लगाकर कम दामों में भूमि खरीद रहे हैं और उसके बाद पहाड़ के लोगों से मजदूरी कराते हैं। यह लोग अवैध ढंग से उनकी पैतृक भूमि पर कब्जा भी कर रहे हैं। इसी तरह का एक मामला बीते रोज कुमाऊं में सामने आया। अल्मोड़ा जिले के सल्ट तहसील क्षेत्र के भकराकोट गांव निवासी रमेश चन्द्र ने बताया कि उन्होंने अपनी भूमि 24 नाली रूपा सरोहा निवासी रोज अपाटमैंट रोहिणी दिल्ली को एग्रीमेंट पर दी थी। परंतु रूपा ने 24 नाली भूमि के अतिरिक्त गांव वालों की लगभग 40 नाली जमीन पर कब्जा कर अवैध तरीके से रिजॉर्ट बना दिया। आगे पढ़िए
मामले की गंभीरता को समझते हुए आईएएस और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने इसपर संज्ञान लेते हुए एक्शन लिया। उन्होंने तहसीलदार सल्ट को स्थलीय सर्वे ग्रामीणों के साथ मौके पर जाकर करने तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने आगामी जनसुनवाई में क्रेता एवं विक्रेता सभी हिस्सेदार ग्रामीण के साथ ही तहसीलदार को भी उपस्थित होने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि अगर रिजॉर्ट गैर कानूनी है तो कार्यवाही की जाएगी। जांच रिपोर्ट में भूमि फ्रॉड की पुष्टि होने पर सम्बन्धित के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा।