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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: बारिश...भूस्खलन...आपदा। उत्तराखंड में इन दिनों यही तीन शब्द सुनने को मिल रहे हैं। जो हरे-भरे पहाड़ लोगों को लुभाते थे, वो अब उन्हें डराने लगे हैं।
लगातार जारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कें टूटने की वजह से लोनिवि को भी लाखों-करोड़ों का नुकसान हुआ है। इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर टेंशन बढ़ाने वाली खबर दी है। शनिवार यानी आज से अगले 4 दिनों तक मौसम खऱाब रहेगा। लोगों को भारी बारिश का सामना करना पड़ेगा। राज्य के सभी जिलों में अगले 4 दिनों तक बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 22 से 25 जुलाई तक कुमाऊं और गढ़वाल में कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की वजह से सड़कें बंद हो सकती हैं। आगे पढ़िए
लिहाजा आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों में देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी और नैनीताल में अलग-अलग स्थानों पर आंधी और बिजली के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। बारिश की वजह से सड़कों का बुरा हाल है। उत्तरकाशी के बड़कोट में यमुनोत्री घाटी में रातभर मूसलाधार बारिश के चलते यमुना नदी और नाले उफान पर हैं। यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह मलबा, बोल्डर और दलदल होने से आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। चमोली जिले के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी मलबा गिरने के कारण तीन स्थानों पर अवरुद्ध हो गया। इस घटना के कारण बड़ी संख्या में यात्री राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर घंटों तक फंसे रहे। जगह-जगह फंसे यात्री सड़कों के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। मौसम की तमाम जानकारी के लिए Uttarakhand Weather Update पढ़ते रहें।