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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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हल्द्वानी: हल्द्वानी में 2017 में हुए एक कारोबारी के मर्डर केस में कोर्ट में दो आरोपियों को सजा सुनाई है।
हल्द्वानी कोर्ट ने कारोबारी की हत्या के आरोप में एक नाबालिग को 18 साल की सजा सुनाई है और साथ ही कोर्ट ने उस पर 40 हज़ार का अर्थदंड भी लगाया है जबकि मुख्य आरोपी पहले से ही आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। दरअसल शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि मामला 20 नवंबर 2017 में हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र का है। जहां बिजली कारोबारी विकास अग्रवाल की बकाया के लेनदेन को लेकर हत्या कर दी गई थी। विकास अग्रवाल का शव कमलुवागांजा भरतपुर क्षेत्र में मिला था। पुलिस ने जांच पड़ताल की और आरोपी तहसीम पर तमाम धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया और उसके बाद से ही तहसीम आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। आगे पढ़िए
वहीं पुलिस को हाल ही में यह पता लगा कि रुपए के लेनदेन के विवाद को लेकर एक नाबालिग गुलफाम भी शामिल था जब गुलफाम ने हत्या की तब वह नाबालिक था। वारदात के समय उसकी उम्र 17 साल थी और उसने मात्र बीस हज़ार के लाालच में तहसीम का साथ दिया। अदालत ने तहसीम को 2022 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर गुलफाम को हत्या में साथ देने का दोषी पाया मगर वारदात (Vikas Agarwal murder case Haldwani) के समय गुलफाम नाबालिग था और कानून के अनुसार नाबालिग को उम्र कैद की सजा नहीं दी जा सकती। ऐसे में कोर्ट ने गुलफाम को 18 साल की सजा के साथ ही 40 हज़ार का अर्थदंड लगाया है।