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हरिद्वार: उत्तराखंड में खराब मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हुई हैं। पहाड़ों में भूस्खलन के चलते सड़कें बंद हैं तो वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
जी हां 31 जुलाई तक पहाड़ों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, हालांकि अगले दो दिन भारी वर्षा होने की संभावना नहीं जताई गई है। उत्तरकाशी और हरिद्वार में भारी बारिश के एक-दो दौर हो सकते हैं। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मानसूनी बारिश का दौर 4 अगस्त तक जारी रह सकता है। बीती रात चमोली और रुद्रप्रयाग जनपदों में हुई मूसलाधार वर्षा के कारण बदरीनाथ हाईवे लामबगढ़ में चार घंटे बाधित रहा। देहरादून में भी रुक-रुककर बारिश होती रही। जिससे तापमान में गिरावट आई है। कोटद्वार में कई घरों में मलबा घुसने की सूचना है। आगे पढ़िए
यहां कौड़िया बस्ती में पनियाली गदेरे के उफान पर आने के कारण करीब सौ परिवार प्रभावित हुए हैं। मेहनत-मजदूरी कर एक-एक पाई जमा कर जोड़ा गया सारा सामान मलबे में दब गया। लोगों को जान बचाने के लिए अपने घर तक छोड़ने पड़े हैं। ज्यादातर घरों में तबाही के निशान साफ देखे जा सकते हैं। कई परिवार यात्री शेड के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। पेयजल लाइन टूटने की वजह से यहां पानी की सप्लाई तक नहीं हो पा रही। उधर, शुक्रवार रात को हुई भारी बारिश से लामबगड़ नाले में बदरीनाथ हाईवे करीब 20 मीटर तक बह गया। पहाड़ी से मलबा आने के कारण करीब एक घंटे तक हाईवे के दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रुकी रही। यहां पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों की मौजूदगी में यात्रा वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है।