Advertisement
भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
चमोली: साधुओं को आमतौर पर शांत स्वभाव का माना जाता है। वो दुनिया के मोह-प्रपंचों से दूर भगवद् भक्ति में लीन रहते हैं, लेकिन बदरीनाथ धाम में एक साधु ने अपने साथी के साथ जो किया, वो सुनकर आप भी सन्न रह जाएंगे।
यहां काली कमली धर्मशाला में रह रहे एक साधु ने दूसरे साधु को हथौड़े से वार कर मार डाला। बाद में आरोपी साधु खुद थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। मंगलवार दोपहर में साधु दत्त चैतन निवासी तेलंगाना थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी की हत्या कर दी है। उसका शव कमरे में रखा है। साधु की ये बातें सुनकर पुलिस सन्न रह गई। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे में साधु सुनकरा रामदास उर्फ मोहन कृष्णानंद का खून से सना शव मिला। मृतक जोशीमठ क्षेत्र का रहने वाला था। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। बाद में पूछताछ के दौरान आरोपी दत्त चैतन ने हत्याकांड की वजह के बारे में बताया। आगे पढ़िए
उसने बताया कि वो गोपेश्वर के पास मंडल में आश्रम बनाना चाहता था। इसके लिए उसने दो नाली जमीन खरीदी थी। इसी जमीन को लेकर दोनों में विवाद चल रहा था। सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे साधु ने अपने हिस्से की जमीन बेचने की बात कही तो सुनकरा रामदास और उसके बीच फिर झगड़ा हो गया। इसी दौरान गुस्से में दत्त चैतन ने बाबा सुनकरा के सिर पर हथौड़ा मार दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना को लेकर धर्मशाला के मैनेजर पूरण सिंह ने बदरीनाथ थाने में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि दत्त चैतन और सुनकरा रामदास अगल-बगल रहा करते थे। दोनों आपस में खूब हंसी-मजाक करते थे। दोनों साधु पिछले कई साल से बदरीनाथ धाम में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी साधु अलकनंदा में नहाने पहुंचा था। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। मामले की जांच जारी है।