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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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भूस्खलन की वजह से सड़कें बंद हैं, जिस वजह से ग्रामीण इलाकों में जरूरत का सामान नहीं पहुंच पा रहा। संपर्क मार्ग बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। आज भी प्रदेश के दो जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की ओर से कुमाऊं के बागेश्वर और चंपावत जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों के अधिकतर हिस्सों में तेज गर्जन और बिजली चमकने के साथ भारी बारिश के आसार हैं। यहां कई दौर की बारिश हो सकती है। दूसरे जिलों में भी मानसून संग आई दुश्वारियां जारी रहेंगी। देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में शनिवार के लिए यलो अलर्ट है। पांच अगस्त के बाद पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होने की संभावना है। आगे पढ़िए
सात अगस्त तक प्रदेशभर में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। गंगोत्री हाईवे पर शुक्रवार शाम धरासू के पास भूस्खलन हो गया। बीआरओ रास्ता खोलने में जुटी है। उधर रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड हादसे के कारण केदारनाथ यात्रा आठ घंटे तक बाधित रही। दोपहर तीन बजे के बाद प्रशासन ने दो हजार श्रद्धालुओं को केदारनाथ के लिए रवाना किया। बता दें कि गौरीकुंड में डाटपुल के समीप भारी भूस्खलन के कारण 17 लोगों के लापता होने की सूचना है। भूस्खलन की वजह से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग भी बंद हो गया था। भारी बारिश और भूस्खलन के चलते पिथौरागढ़ में चीन सीमा के पास के गांवों को जोड़ने वाली घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क भी बंद हो गई है। मौसम की तमाम जानकारी के लिए Uttarakhand Weather Update पढ़ते रहें।