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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड स्थित डाक पुलिया के पास बीते दिन दर्दनाक हादसा हो गया।
यहां पहाड़ी से पत्थर टूट कर दो दुकानों पर गिरने से दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। आधी रात को यह हादसा हुआ। सूचना के अनुसार 13 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना में अब तक 19 लोगों की लापता होने की सूचना है जिनका सर्च रेस्क्यू जारी है। बता दें कि इस हादसे में दो परिवारों के दस लोग भी लापता हो गए हैं। हादसे के वक्त सब सो रहे थे, कि तभी भूस्खलन हुआ और हादसा हो गया। इस हादसे में गौरीकुंड में हाईवे स्थित डाटपुल के समीप दुकानों का संचालन कर रहे नेपाली मूल के अमर बोहरा और वीर बहादुर के परिवार के लिए बृहस्पतिवार की रात को पहाड़ी से गिरे बोल्डर और मलबा काल बनकर आया। दोनों परिवारों के दस लोग मलबे-बोल्डर के साथ नदी में बह गए।शुक्रवार को दिनभर उनकी खोज होती रही लेकिन अभी तक कुछ पता नहीं लग पाया है। ये दोनों परिवार किराए पर दुकान लेकर उसका संचालन करते थे।
दरअसल अमर बोहरा पत्नी अनीता बोहरा और अपने पांच बच्चों के साथ गौरीकुंड में लंबे समय से रह रहा था। उन्होंने इस वर्ष अमर ने डाटपुल के समीप दुकान किराए पर ली थी। जबकि वीर बहादुर पत्नी सुमिता और पुत्री निशा के साथ यहां ढाबा चलाता था। बृहस्पतिवार रात को भी लगभग 10.15 बजे अमर और वीर बहादुर का परिवार दुकान बंद कर सोने चला गया। रात 11 बजे से क्षेत्र में मूसलाधार बारिश शुरू हुई और रात लगभग 11.30 बजे तेज आवाज के साथ पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क किनारे दुकान व ढाबे पर गिरा और मलबे के साथ नदी में जा गिरा। तेज आवाज सुनकर स्थानीय कुछ लोग मौके पर पहुंचे तो दुकान व ढाबे गायब हो गए। वहां सिर्फ मलबा था। जिसने भी उस हादसे का मंजर देखा, वह भूल नहीं पा रहा है। जिलाधिकारी ने भू-स्खलन के कारण लापता हुए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ है। जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार ने घटना स्थल पर हो रहे भू-स्खलन (Gaurikund landslide latest update ) से आवाजाही को सावधानी से कराने के निर्देश दिए तथा टीमों को सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।