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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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टिहरी गढ़वाल: पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश तबाही का सबब बन रही है। प्रदेश में अगले कई दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है।
हाल में गौरीकुंड में भूस्खलन की घटना में कई लोग लापता हो गए थे और अब एक दिल दहला देने वाली खबर टिहरी से आई है। यहां सकलाना पट्टी में मलबा आने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। सबसे दुखद बात ये है कि हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चे हादसे के वक्त घर में सो रहे थे। तभी मलबे के रूप में आया काल उन्हें लील गया। मरने वालों में प्रवीण दास की बेटी स्नेहा और बेटा रणवीर शामिल हैं। स्नेहा 12 साल की थी, जबकि रणवीर सिर्फ दस साल का था। बच्चों की असमय मौत के बाद पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन गहरे सदमे में हैं। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है। आगे पढ़िए
आज सुबह डीडीएमओ द्वारा सूचना दी गई कि मरोड़ा पुल, सकलाना पट्टी में मलबा आने से एक घर क्षतिग्रस्त हो गया है। हादसे के बाद दो बच्चे मलबे में दब गए थे। मरोड़ा गांव धनोल्टी तहसील के अंतर्गत आता है। देर रात हुई भारी बारिश के कारण यहां प्रवीण दास के मकान के पीछे की दीवार टूट गई, जिसमें उनके दो बच्चे दब गए। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को मलबे (Tehri Garhwal Landslide) से निकालाकर पीएचसी सत्यो पहुंचाया, लेकिन तब तक दोनों बच्चे दम तोड़ चुके थे। एसडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है। घटना स्थल पर हर तरफ तबाही का मंजर नजर आ रहा है। उत्तराखंड के कई जिलों में आज भी भारी बारिश का दौर जारी है। लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।