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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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उत्तरकाशी: सरकारी अधिकारी कितने लापरवाह होते हैं, यह तो हम सब जानते ही हैं। ऐसे ही एक लापरवाही अधिकारी की अक्ल यमुनोत्री के पूर्व विधायक केदार सिंह रावत ने ठिकाने लगा दी।
उन्होंने बीते दिन बड़कोट लोनिवि के अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंच कर खूब हंगामा किया। दरअसल जब वे वहां पहुंचे तो अधिशासी अभियंता नहीं मिले। आधा घंटा बीत जाने के बाद भी कार्यालय में जब कोई पूछने वाला नहीं दिखाई दिया, तो कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया। इस पर बड़कोट तहसीलदार धनीराम डंगवाल मौके पर पहुंचे और अधिशासी अभियंता से फोन पर बात कर उनकी जानकारी ली तो पता चला कि ईई का स्वास्थ्य खराब है और वह अपने आवास पर हैं। इसके बाद पूर्व विधायक केदार सिंह रावत Kedar Singh Rawat समर्थकों सहित अधिशासी अभियंता के आवास पर ही जा पहुंचे। आगे पढ़िए
दरअसल यमुनोत्री के पूर्व विधायक केदार सिंह रावत ने आरोप लगाते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की शिकायत है कि लोनिवि अधिशासी अभियंता कार्यालय में नहीं बैठते हैं। उन्होंने आरोप को जांचने के लिए ईई को फोन किया, परंतु ईई ने फोन नहीं उठाया। इस पर सोमवार को वह कार्यालय पहुंचे। तब भी ईई कार्यालय से गायब थे। ऐसे में केदार सिंह रावत एवं अन्य कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करते हुए बैठ गए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में छोटे-छोटे कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। बीते डेढ़ साल से कई कार्य लंबित हैं, जो कि आज तक शुरू नहीं हो पाए हैं। उन्होंने ईई को 20 अगस्त तक लंबित योजनाओं पर कार्य शुरू करने को कहा है। अगर कार्य शुरू नहीं होता है तो 21 अगस्त से जन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। वहीं लोनिवि के ईई मनोहर सिंह ने इसपर सफ़ाई देते हुए कहा कि उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह छुट्टी पर थे तथा अपने आवास पर दवा लेकर आराम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक Kedar Singh Rawat को उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर उन्होंने सभी योजनाओं की जानकारी दी।