गौरीकुंड में फिर हुआ बड़ा हादसा, मलबे में दबे 3 बच्चे, दो बच्चों की मौत

स्थानीय लोगों की मदद से गौरीकुंड हॉस्पिटल में उपचार के लिए लाया गया, जहां दो बच्चों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Image: Landslide in Gaurikund 2 children death

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा पड़ाव के गौरीकुंड (गौरी गांव) में तीन बच्चे भूस्खलन की चपेट में आने से दब गए।

Landslide in Gaurikund 2 children death

तीनों बच्चों को स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ, स्थानीय लोगों की मदद से गौरीकुंड हॉस्पिटल में उपचार के लिए लाया गया, जहां दो बच्चों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एक बच्चे का उपचार किया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि गौरीकुंड गांव में हेलीपैड से आगे गांव के नीचे एक परिवार के ऊपर के खेत से मलबा आ गया। मलबे की चपेट में आने के कारण तीन बच्चे दब गए। राहत बचाव टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल बच्चों को तत्काल गौरीकुंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। आगे पढ़िए

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि हादसे में 5 साल की पिंकी और छोटे बच्चे की मौत हो गई। जबकि में 8 वर्षीय स्वीटी का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। बच्चों का पिता सत्यराज अपने गांव नेपाल गया है। इसके अलावा मां जानकी बच्चों के साथ ही डेरे में सो रही थी। जानकी मलबा आने के बाद डेरे से बाहर सकुशल निकल आई थी। उधर बच्चे मलबे में दब गए। आपको बता दें कि केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड में बीते गुरुवार 3 अगस्त की रात में भयानक भूस्खलन हुआ था। मलबा गिरने से तीन दुकानें ध्वस्त हो गई थी। दुकानों में सोए हुए 23 व्यक्ति लापता हो गए थे। जिनमें से तीन लोगों के शव पुलिस-प्रशासन ने बरामद कर लिये थे। लापता 20 लोगों की तलाश जारी है। मंदाकिनी नदी में जल पुलिस, स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।