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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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हल्द्वानी: उत्तराखंड का युवा वर्ग लगातार नशे की चपेट में जा रहा है। युवाओं की हिम्मत इस कदर बढ़ गई है कि अब सड़कों पर वे खुले आम चरस गांजा का नशा करते हुए नजर आते हैं।
ऐसे ही युवाओं की क्लास आईएएस दीपक रावत ने लगा दी। आईएएस दीपक रावत हाल ही में एक जगह इंस्पेक्शन करने पहुंचे। वहां उनको कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए। पता लगा कि वे चरस पी रहे हैं जिसके बाद दीपक रावत अपनी टीम के साथ उस जगह छापा मारने पहुंच गए जहां से वह सप्लाई हो रहा था। वैसे भी कैडर के तेजतर्रार आईएएस अफसर दीपक रावत अपनी सख्त छवि के लिए जाने जाते हैं। वे जहां भी ड्यूटी करते हैं यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी अधिकारी पूरी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहे हों। वे वर्तमान में उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। वह अक्सर अपने अनोखे अंदाज में छापे मारने को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। शुक्रवार को वह हल्द्वानी में थे और अचानक नैनीताल रोड पर एक निर्माणाधीन पुलिया का निरीक्षण करने पहुंच गए।
समय से काम पूरा न होने पर उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी व्यक्त की और 30 अगस्त तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद दीपक रावत मार्ग पर पैदल ही आगे बढ़ गए। इस दौरान ई-रिक्शा पर बैठे कुछ लोगों से उन्होंने हालचाल पूछा, तो वे घबरा गए। संदिग्ध जान पड़ते हुए उनकी तलाशी ली गई, तो कुछ के पास से चरस बरामद हुई। दीपक रावत ने उनसे पूछा कि वे लोग चरस कहां से खरीदकर लाए हैं, तो उन्होंने राजपुरा क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग के पास से खरीदने का जिक्र किया। जानकारी मिलते ही वह पूरी टीम के साथ उस क्षेत्र की ओर चल दिए। उन्होंने मौके पर कुछ लोगों को पकड़ा, जिनके पास से कुछ मात्रा में चरस बरामद हुई। वहीं कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने सीओ संजय सिंह गर्ब्याल को चारों पकड़े गए लोगों से पूछताछ और कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कमिश्नर रावत IAS Deepak Rawat ने कहा कि इस तरह के खतरनाक नशे उन्हें कदापि बर्दाश्त नहीं है और यह इलीगल भी है। ऐसे में नशे के खिलाफ जो अभियान चल रहा है इसे और मजबूत करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जाएगा।