पीड़ित ठेकेदार का कहना है कि डीपीआरओ पेंडिंग भुगतान के एवज में एक लाख की रिश्वत मांग रहा था, उस पर दबाव बनाकर अपने घर पर एसी और इन्वर्टर भी लगवाया।
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कोमल नेगी
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Image: Rudrapur DPRO Ramesh Tripathi Caught Red Handed Taking Bribe
रुद्रपुर: कहते हैं इंसान की जरूरतें पूरी हो सकती हैं, लेकिन लालच नहीं।
DPRO Ramesh Tripathi Caught Red Handed Taking Bribe
अब रुद्रपुर में ही देख लें, जहां विजिलेंस की टीम ने जिला पंचायतराज अधिकारी को एक लाख की रिश्वत लेते धर दबोचा। विजिलेंस को आरोपी के घर से 25.71 लाख की नकदी भी मिली है। जिला पंचायत अधिकारी डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी पर ठेकेदार से उपकरणों की सप्लाई और कार्यों के भुगतान के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। ठेकेदार ने ये भी कहा कि डीपीआरओ ने अपने आवास पर जो एसी और इन्वर्टर लगाया था, वह भी ठेकेदार पर दबाव डालकर लगवाया था। विजिलेंस की टीम ने आरोपी को शहर के मॉल से गिरफ्तार किया और विरोध करने पर घसीटते हुए कार तक ले गई। पूरा मामला भी बताते हैं। दरअसल, भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुहिम के तहत जारी टोल फ्री नंबर 1064 पर पीड़ित किच्छा निवासी ठेकेदार रिंकू सिंह ने शिकायत की थी। उसने बताया कि उपकरणों की सप्लाई और कार्यों के भुगतान के एवज में डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
जांच कराने पर शिकायत सही मिली। गुरुवार को शिकायतकर्ता रिंकू सिंह ने डीपीआरओ को नैनीताल रोड स्थित मेट्रोपोलिस मॉल में बुलाया, जहां वीआईपी पार्किंग के पास शिकायतकर्ता जब डीपीआरओ को एक लाख रुपये देने लगा तो टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। डीपीआरओ ने इस दौरान विरोध भी किया, मॉल में घूम रहे लोगों को ये देख अपहरण होने की गलतफहमी भी हुई, लेकिन विजिलेंस टीम ने परिचय देकर मामला शांत करा दिया। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से विजिलेंस ने 25.71 लाख रुपये बरामद किए। आरोपी मूलरूप से महाराजगंज, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। आरोपी वर्ष 2011 से 2016 तक ऊधमसिंहनगर, 2016 से 2021 तक हरिद्वार और फिर वर्ष 2021 से अब तक ऊधमसिंहनगर में डीपीआरओ रहा। विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि आरोपी की संपत्ति की जांच की जा रही है।