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उधमसिंह नगर: कहते हैं इंसान अपने कर्मों का यहीं भोग कर जाता है, शायद इसलिए ही अपने बड़े बेटे को मौत के घाट उतारने का नतीजा यह हुआ कि उसके पिता की भी मौत हो गई।
हाल ही में राज्य समीक्षा पर आपने यह खबर पढ़ी होगी जहां पर गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के सेवादार बुजुर्ग ने अपने 35 वर्ष के बेटे दलजीत सिंह को चाकू से बेरहमी से मार दिया था। उसके बाद से ही सलविंदर सिंह का सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज चल रहा था जहां पर तबीयत बिगड़ने पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनकी मौत कैसे हुई उससे पहले आपको बताते हैं कि आखिर वह किस वजह से जेल गए थे। जानकारी के अनुसार, बीते कुछ दिनों पहले रात करीब नौ बजे गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब के सराय में उसके दलजीत सिंह (35) और उसके पिता सलविंदर सिंह (65) के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर दोनों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। अगला इसी बीच पिता ने गुस्से में आकर घर में रखे चाकू से दलजीत पर वार कर दिया। आगे पढ़िए
चाकू दलजीत के सीने में लगा, जिसके बाद परिजनों ने दलजीत को गंभीर हालत में खटीमा चिकित्सालय पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी सलविंदर मूल रूप से गांव लालपुर सितारगंज निवासी है, जो 20 साल से गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में सेवादार है।छोटे बेटे की तहरीर पर आरोपी पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद सेवादार सलविंदर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और वह जेल में थे। बताया जा रहा है कि जेल में दाखिल होने के दूसरे दिन के बाद से ही उनकी तबीयत खराब होने लगी। 24 अगस्त को तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उनको सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पर उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची मेडिकल चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।