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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: कर्मठ अधिकारी और वह भी सरकारी किस्मत वालों को ही नसीब होते हैं। हम खुशनसीब है कि देवभूमि में अभी भी कई ऐसे कर्मठ अधिकारी मौजूद हैं जो कि देवभूमि के लिए दिन रात मेहनत करे रहे हैं और अपने काम के प्रति और ड्यूटी के प्रति ईमानदार हैं।
आज हम आपको एक ऐसे ही आईएएस का परिचय देंगे जिन्होंने स्वास्थ्य विभाग महकमे में त्वरित एक्शन से कोहराम मचा दिया है। हम बात कर रहे हैं आर राजेश कुमार की जो कि एक काबिल आईएएस अधिकारी हैं और उन्होंने देहरादून मे डीएम रहते हुए काफ़ी अच्छा काम किया हैं। अब उन्होंने स्वास्थ्य महकमा संभाला हैं और विभाग क़ो पटरी पर लाने की कोशिश मे जुटे हैं। नर्सिंग की भर्ती मे हो रही लेट पर उन्होंने चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष से भी जवाब तलब किया हैं। साथ ही उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र को भी अल्टीमेटम दे दिया है। राज्य सचिवालय में स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। आगे पढ़िए
राज्य में मानसिक स्वास्थ्य नियमावली के लागू हो जाने के बाद यह काफी महत्वपूर्ण बैठक रही अध्यक्ष मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण डॉ आर राजेश कुमार ने कहा राज्य में संचालित सभी सरकारी एवं गैरसरकारी मानसिक स्वास्थ्य संस्थानो एवं नशा मुक्ति केन्द्रो को 03 माह के भीतर राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण में अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। कुछ दिनों पहले ही आईएएस आर राजेश कुमार को शासन की ओर से नई जिम्मेदारी दी गई। आर राजेश कुमार को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का प्रभारी सचिव बनाया गया है। साथ ही आईएएस आर राजेश कुमार को नागरिक उड्डयन और एनएचएम के निदेशक की भी जिम्मेदारी दी गई है। हाल ही में राजेश कुमार को देहरादून के जिलाधिकारी के पदभार से मुक्त किया गया था, उनकी जगह सोनिका को देहरादून का डीएम बनाया गया है। उन्होंने उत्तराखंड के दूरस्थ जिले उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।