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देहरादून: उत्तराखंड में होने वाली सरकारी भर्तियों के पेपर लीक करने वाले हाकम सिंह रावत को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई।
हाकम सिंह यूकेएसएसएससी पेपर लीक घोटाले का मास्टरमाइंड है। उसके साथ ही दो अन्य आरोपियों को भी सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। पिछले एक साल से जेल में बंद ये तीनों आरोपी अब जमानत पर बाहर आएंगे। जस्टिस ए एस बोपन्ना और प्रशान्त कुमार मिश्रा ने बहस सुनने के बाद जमानत मंजूर की। सुप्रीम कोर्ट के वकील ऋतुपर्ण उनियाल ने बताया कि हाकम सिंह के साथ विपिन बिहारी और शशिकांत को भी जमानत मिली है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई बहस के दौरान राज्य सरकार ने आरोपियों को जमानत देने का कड़ा विरोध किया था, राज्य सरकार ने कहा कि तीनों आरोपी केस को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। बहस के दौरान हाकम सिंह के वकील ने कहा कि ट्रायल में देरी के चलते आरोपियों को एक साल तक जेल में रखा गया है।
इस लिहाज से आरोपियों को जमानत मिलनी चाहिए। बता दें कि साल 2022 में स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था। 13 अगस्त 2022 को इस मामले में एसआईटी ने जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत को मोरी से गिरफ्तार किया था। इस भर्ती घोटाले में एसटीएफ 80 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हाकम सिंह सिर्फ स्नातक स्तरीय परीक्षा ही नहीं बल्कि वन दरोगा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी नकल कराने में शामिल रहा है। कई बड़े नेताओं और अधिकारियों से उसके करीबी रिश्ते रहे हैं। हाकम कि गिरफ्तारी के बाद उसके उत्तरकाशी जिले में स्थित रिजॉर्ट भी तोड़ दिए गए थे। हाकम सिंह 15 से 20 लाख रुपये लेकर अपने नेटवर्क के जरिए अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र देता था। घोटाले के गुनाहगारों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने हाकम सिंह और अन्य आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट भी लगाया है।