Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
टिहरी गढ़वाल: वॉटर स्पोर्ट्स का नाम सुनते ही हमारे ज़हन में खुद-ब-खुद टिहरी झील का नाम आता है
जो कि इस बात का उदाहरण है कि टिहरी झील वाटर स्पोर्ट्स के रूप में किस कदर उभरी है और विश्व में अपनी एक अलग पहचान बना रही है। टिहरी झील में बीते गुरुवार को वाटर स्पोर्ट्स कप का भव्य और रंगारंग आगाज हुआ। इस दौरान वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड के शिवपुरी और कौड़ियाला पहले ही राफ्टिंग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कहा की ठीक इसी तरह टिहरी झील में भी वाटर स्पोर्ट्स का क्रेज बढ़ेगा जिससे पर्यटक यहां खूब आएंगे। मुख्य अतिथि वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि टीएचडीसी के सहयोग से लगातार दूसरी बार टिहरी झील वाटर स्पोर्ट्स कप का आयोजन किया जा रहा है।
यहां कल 14 से 17 सितंबर तक चार दिवसीय वाटर स्पोर्ट्स कप का आयोजन हो रहा है। इस प्रतियोगिता में कयाकिंग एवं कैनोइंग खेलों में देश के कई प्रांतों के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आयोजन में गोवा में होने वाले 37वें ओपन राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्कृष्ट वरिष्ठ वर्ग के पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। टिहरी झील में दूसरी बार ऐसे खेलों का आयोजन किया जा रहा है। इन खेलों से राष्ट्रीय पटल पर टिहरी की पहचान बनेगी। वॉटर स्पोर्ट्स में टिहरी एक अलग पहचान के साथ उभरेगा।इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड के युवाओं के लिए 10 फीसदी का आरक्षण रखा गया है। उत्तराखंड के जो भी खिलाडी इस प्रतियोगिता में अच्छे खेल का प्रदर्शन करेंगे, उन्हें नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका प्राप्त हो सकता है। इस प्रतियोगिता में भारत के 28 राज्यों से लगभग 400 खिलाड़ी टिहरी पहुंच गए हैं।