गढ़वाल राइफल के नायक प्रमोद जगवाण को आखिरी सलाम, नम आंखों से हुआ अंतिम संस्कार

आपको बता दें कि 30 अगस्त को रुद्रप्रयाग जवाड़ी बाईपास के पास वाहन दुर्घटना हुई थी। इसके बाद से ही प्रमोद जगवाण लापता चल रहे थे।
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Rudraprayag hero Pramod Jagwan: Rudraprayag Garhwal Rifle Naik Pramod Jagwan Death
Image: Rudraprayag Garhwal Rifle Naik Pramod Jagwan Death

रुद्रप्रयाग: 17 दिनों से लापता चल रहे फोर्थ गढ़वाल राइफल के नायक प्रमोद जगवाण का आज सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

Garhwal Rifle Naik Pramod Jagwan Death

आपको बता दें कि 30 अगस्त को रुद्रप्रयाग जवाड़ी बाईपास के पास वाहन दुर्घटना हुई थी। इसके बाद से ही प्रमोद जगवाण लापता चल रहे थे। 15 सितम्बर को प्रमोद जगवाण का शव श्रीनगर डैम के पास से बरामद किया गया। शव बरामद करने के बाद उनके परिजनों को जानकारी दी गई। पुलिस ने प्रमोद के शव का पोस्टमार्टम किया और इसके बाद शव परिजनों को सौंपा। शनिवार को पार्थिव शरीर पैतृक घाट सूर्यप्रयाग घाट लाया गया। उनके पार्थिव शरीर को सेना की टुकड़ी द्वारा सुमाड़ी से सूर्यप्रयाग घाट पर लाया गया। आगे पढ़िए

घाट पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सैनिक प्रमोद के अंतिम संस्कार में ब्लॉक प्रमुख जखोली प्रदीप थपलियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, उक्रांद केंद्रीय प्रवक्ता मोहित डिमरी, भगत चौहान, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अर्जुन गहरवार जैसे गणमान्य लोग मौजूद रहे। सैनिक प्रमोद जगवाण फोर्थ गढ़वाल राइफल में कोलकाता में तैनात थे। वे वाहन दुर्घटना के बाद लापता हो गये थे। प्रमोद जगवाण इंटर कॉलेज बजीरा के प्रधानाचार्य शिव सिंह रावत के दामाद थे। उनके परिवार में माता, भाई, पत्नी गीता देवी और बेटा-बेटी हैं। उनके पिता त्रिलोक सिंह जगवाण भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। उनकी मां गृहिणी हैं।