जिला सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर हुई भर्ती में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। तीन जिलों में इसकी पुष्टि भी हुई है।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Irregularities in recruitment in Uttarakhand District Cooperative Banks
देहरादून: उत्तराखंड के सरकारी विभागों में होने वाली भर्तियों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
Uttarakhand District Cooperative Bank Recruitment Fraud
इस बार मामला जिला सहकारी बैंकों में चौकीदार व गार्ड की भर्ती से जुड़ा है। जिला सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर हुई भर्ती में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। देहरादून, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ जिलों में इसकी पुष्टि भी हुई है। जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को मिल चुकी है। अब इस मामले की जांच रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री कार्यालय बड़ा निर्णय ले सकता है। तीन जिलों में पूर्व में जिन 150 से ज्यादा अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र थमाए गए थे, उनकी भर्ती रद्द हो सकती है। जिला सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी के 400 से अधिक पदों पर नियुक्ति के दौरान कई जिलों में नियमों की अनदेखी के मामले सामने आए हैं।
हरिद्वार जिले में नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी की बात सामने आने पर वहां यह प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी, जबकि अन्य जिलों में प्रक्रिया जारी थी। पिछले साल जांच में यह बात पता चली कि देहरादून, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ में नियमों को दरकिनार कर चहेतों को जॉब दे दी गई। 150 से ज्यादा अभ्यर्थियों को चयनित कर उन्हें नियुक्ति पत्र भी थमा दिए गए थे। इस संबंध में हुई शिकायतों के बाद सरकार ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को स्थगित करते हुए तीनों जिलों में जांच कराई थी। गहन जांच के बाद जांच अधिकारी ने शासन को रिपोर्ट सौंप दी। इसमें तीनों जिलों में नियुक्ति के लिए तय मानकों की अनदेखी करने के साथ ही धांधली की पुष्टि हुई है। अब माना जा रहा है कि सरकार बैंकों की चयन समिति के संबंध में जरूरी निर्णय ले सकती है, साथ ही पूर्व में जिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे, उनकी नियुक्ति रद्द की जा सकती है।