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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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रुड़की: रूड़की में हद ही हो गई। यहां पर एक ज़रूरतमन्द व्यक्ति भैंस खरीदने के लिए ऋण मांगने आया था। अधिकारी ने उससे भी रिश्वत मांग ली।
भैंस खरीदने के लिए ऋण देने के नाम पर घूस मांगने वाले शाखा प्रबंधक संदीप कुमार को विजिलेंस की टीम ने दबोचा है। विजिलेंस की टीम ने उसे 33 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपी ने ऋण पास कराने के एवज में रिश्वत मांगी थी। जी हां, यह हालत तो सरकारी अधिकारियों की है। चलिए आपको पूरे मामले की जानकारी देते हैं। हरिद्वार जिले के रुड़की में जिला सहकारी बैंक के एक शाखा प्रबंधक को विजिलेंस की टीम 33 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। शाखा प्रबंधक यह रिश्वत भैंस खरीद के लिए ऋण देने के नाम पर ले रहा था। विजिलेंस की टीम आरोपी को अपने साथ देहरादून ले गई है।
दरअसल लक्सर के पीतपुर निवासी अमन की पत्नी प्रियंका देवी और चचेरे भाई मोनू कुमार और पड़ोसी राहुल कुमार ने दीन दयाल योजना के तहत भैंस खरीदने के लिए जिला सहकारी बैंक की शाखा ग्राम मगरुबपुर, बहादराबाद में आवेदन किया था। वहां मौजूद शाखा प्रबंधक संदीप कुमार निवासी सुढौली, झबरेड़ा की ओर से ऋण स्वीकृत करने के एवज में 33 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई। रिश्वत देने के बाद बैंक प्रबंधक ने तीनों खातों में एक-एक लाख रुपए की रकम डाल दी। 19 सितंबर को रिश्वत के 29 हजार रुपए प्रबंधक को दे दिए गए। लेकिन जब 20 सितंबर को मोनू कुमार अपने खाते में से ऋण के 50 हजार रुपए निकालने गया तो बैंक प्रबंधक ने तय रिश्वत की रकम के बाकी चार हजार रुपए की मांग की। यह सुनकर मोनू ने विजिलेंस की टीम से संपर्क किया। शिकायत मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर जाल बिछाया और शाखा प्रबंधक संदीप कुमार को चार हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। अब आरोपी पर सख्त कार्यवाही होगी। वहीं विजिलेंस टीम के कार्यवाही के बाद से ही पूरे बैंक में अपना तफरी का माहौल है।