मुनिकीरेती पुलिस ने ऐसे 67 मकान मालिकों पर 6.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जिन्होंने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया था।
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कोमल नेगी
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Image: Tenant Verification is Mandatory in Rishikesh
ऋषिकेश: बाहरी राज्यों से आकर बिना सत्यापन के रह रहे लोग प्रदेश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।
Tenant Verification is Mandatory in Rishikesh
बीते दिनों उत्तराखंड में ऐसी कई वारदातें हुई हैं, जिनमें आरोपी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बिना सत्यापन के किराये पर रहते पाए गए। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उत्तराखंड पुलिस हर जिले में सत्यापन अभियान चला रही है। ऋषिकेश में भी थाना मुनिकीरेती पुलिस ने ऐसे 67 मकान मालिकों पर 6.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जिन्होंने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया था। रविवार की सुबह पुलिस टीमों ने क्षेत्र में रहने वाले किरायेदारों व होटल तथा कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों का सत्यापन किया। इस दौरान पुलिस टीम चौदह बीघा, भजनगढ़, चीनी गोदाम रोड क्षेत्र में पहुंची और मकान मालिकों से जानकारी ली। पुलिस टीम को 67 मकान मालिक ऐसे मिले जिन्होंने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया था। आगे पढ़िए
जिस पर प्रत्येक मकान मालिक पर 10 हजार का जुर्माना लगाया गया। पुलिस टीम ने कुल 6.70 लाख रुपये का जुर्माना वसूला। पुलिस टीम में वरिष्ठ उप निरीक्षक योगेश पांडेय, चौकी प्रभारी तपोवन प्रदीप रावत, चौकी प्रभारी ढालवाला आशीष शर्मा, चौकी प्रभारी कैलाश गेट राजेंद्र रावत शामिल रहे। आने वाले दिनों में ढालवाला, तपोवन, कैलाश गेट में भी सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। थाना प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने नागरिकों से किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराये पर रखने, होटल में काम पर रखने से पूर्व सत्यापन कराने की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रत्याशित घटना से बचा जा सके। अगर आपने भी अपने किरायेदारों या कर्मचारियों का सत्यापन नहीं कराया है तो मामले में कोताही न बरतें। किरायेदारों का जल्द से जल्द पुलिस वैरिफिकेशन करा लें।