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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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ऋषिकेश: वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर धामी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। देहरादून, नैनीताल समेत कई जगह अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
इसी कड़ी में ऋषिकेश में वन भूमि पर हुए अवैध निर्माण पर राज्य सरकार का बुलडोजर गरजेगा। यहां सवा छह सौ मकानों को ढहाया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों में हड़कंप मचा है। आईडीपीएल ऋषिकेश में मंगलवार को 315 मकानों से बेदखली के आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद बुधवार को वन विभाग ने वन भूमि पर बसे तीन सौ और परिवारों को बेदखली का नोटिस थमा दिया। प्रदेश में छह सौ से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी करने का ये पहला मामला है। आगे पढ़िए
वन विभाग ने भी अब तक करीब पांच सौ एकड़ से ज्यादा वन भूमि खाली कराकर नया रिकॉर्ड बनाया है। चार दिन में करीब 18 सौ लोगों की जनसुनवाई हुई है। वन विभाग की कार्रवाई को लेकर आईडीपीएल कॉलोनी में रह रहे लोगों में नाराजगी है। आईडीपीएल कॉलोनी निवासी विजेंद्र सिंह का कहना है कि अधिकारियों ने सर्वे के नाम पर लोगों को गुमराह किया। उनके साथ सही व्यवहार नहीं हो रहा है। विभागीय कार्रवाई को लेकर डीएफओ दून नितीश मणि त्रिपाठी ने बताया कि 18 सौ में से छह सौ लोग खुद ही मकान खाली कर चुके हैं। जबकि, सवा छह सौ को बेदखल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा करीब साढ़े पांच सौ लोगों की सुनवाई हो चुकी है और उनको नोटिस दिए जाने हैं। इनके वहां से हटते ही करीब सवा दो सौ एकड़ वन भूमि वन विभाग के पास आ जाएगी।