ऐसे-ऐसे घिनौने काम किए जा रहे थे, कि सोचकर किसी की भी रूह कांप जाए। मामले का खुलासा करने के बाद पुलिस ने मदरसे के खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया है।
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कोमल नेगी
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Image: exploitation of children in Nainital Jeolikot Madrasa
नैनीताल: मदरसा...शिक्षा के वो केंद्र जहां बच्चे तालीम लेने पहुंचते हैं, लेकिन नैनीताल के एक मदरसे में बच्चों को तालीम देने के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा था।
exploitation of children in Nainital Jeolikot Madrasa
उनके साथ ऐसे-ऐसे घिनौने काम किए जा रहे थे, कि सोचकर किसी की भी रूह कांप जाए। मामले का खुलासा करने के बाद पुलिस ने मदरसे के खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया है। पुलिस ने मदरसे को सील कर दिया है। साथ ही मदरसे के मौलवी, उसके बेटे के खिलाफ पॉक्सो सहित आईपीसी की अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामला ज्योलीकोट के पास का है। जहां वीरभट्टी पुल से कुछ दूरी पर अंजुमन इकरा नाम के मदरसे में बच्चों को तालीम दी जा रही थी। इस मदरसे को लेकर कुछ दिन पहले दिन मो. अफजल ने नैनीताल के डीएम के पास शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि मदरसे का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, यहां पर अव्यवस्था फैली है। डीएम के निर्देश पर रविवार को मल्लीताल पुलिस की टीम मदरसे के निरीक्षण को पहुंची। इस दौरान पता चला कि 2010 से संचालित मदरसे को मदरसा बोर्ड से मान्यता नहीं मिली है।
इतना ही नहीं यहां 24 बच्चे थे, जिनकी सेहत बहुत खराब थी। साफ-सफाई की ठीक व्यवस्था न होने के कारण लगभग सभी बच्चों की त्वचा पर फोड़े व घाव बने हुए थे। एक बच्चा टीबी का मरीज पाया गया। पूछताछ हुई तो बच्चों ने मदरसे के मौलवी के बेटे पर यौन शोषण व अश्लील हरकतें करने के गंभीर आरोप लगाए। जिसके तुरंत बाद मदरसे को सील कर दिया गया। सभी 24 बच्चों को बाल कल्याण संस्था के संरक्षण में हल्द्वानी भिजवा दिया गया है। मदरसे के मौलवी मो. हारून और उसके बेटे इब्राहिम के खिलाफ पॉक्सो, किशोर न्याय अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं मदरसे के मौलवी ने कहा कि बच्चों संग मारपीट और अश्लील हरकतों से जुड़े सभी आरोप झूठे हैं। मदरसा वक्फ बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। मौलवी मोहम्मद हारुन का दावा है कि बीमार बच्चों का उपचार किया जा रहा है।