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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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परियोजना के तहत प्रदेश के तमाम पहाड़ी क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जा रहा है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर 850 करोड़ रुपये की लागत से सिलक्यारा से पोल गांव तक 4.5 किमी लंबी सुरंग बनाई जा रही है, जो कि राज्य की सबसे लंबी सुरंग होगी। इतना ही नहीं ये सुरंग जीरो एक्सीडेंट सुरंग होगी, क्योंकि यहां सुरंग के बीचों बीच कंक्रीट की दीवार बनाई जा रही है। एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड) के अधिकारियों ने कहा कि दीवार के बनने से सुरंग के अंदर वाहन एक-दूसरे से नहीं टकराएंगे। जिससे यह सुरंग जीरो एक्सीडेंट वाली होगी। देश में ये अपनी तरह की पहली सुरंग होगी, जहां कंक्रीट की दीवार बनाई जा रही है। इससे गाड़ियां अपनी-अपनी लेन में चलेंगी और दुर्घटना की आशंका शून्य होगी। आगे पढ़िए
हालांकि आपातकाल में एक से दूसरी टनल में जाने के लिए दीवार में एयर टाइट दरवाजे बनाए जाएंगे। इस सुरंग में फायर सप्रेशन सिस्टम और स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वीजीशन) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का भी प्रयोग किया जाएगा। हर 500 किमी पर एक ले-बाई (सड़क किनारे कुछ समय के लिए वाहन खड़ा करने का स्थान) की सुविधा मिलेगी, ताकि वाहन में खराबी आने पर उसे सुरक्षित तरीके से साइड में खड़ा किया जा सके। सुरंग के दायीं व बायीं दोनों तरफ कुल सात ले-बाई बनाई जाएगी। जिसमें से चार का निर्माण पूरा कर लिया गया है। सुरंग निर्माण के लिए करीब एक हजार मजदूर दिन-रात काम कर रहे हैं। अब केवल 500 मीटर निर्माण ही शेष बचा है। सुरंग के फरवरी माह तक आर-पार होने की उम्मीद है।