उत्तराखंड में हुई उस दुर्लभ फूल की खोज, जिसमें छुपा है गंभीर बीमारियों का रामबाण इलाज

उत्तराखंड वन अनुसंधान संस्थान ने विलुप्त हिमालयी जेंटियन पौधे की खोज की है. यह फूल यकृत रोगों, पाचन विकार और मधुमेह के लिए आवश्यक होता है
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Uttarakhand Gentiana Kuru Flower: Gentiana Kuru flower discovered in Uttarakhand
Image: Gentiana Kuru flower discovered in Uttarakhand

हल्द्वानी: उत्तराखंड वन अनुसंधान संस्थान ने एक ऐसी प्रजाति के फूल की खोज की है, जो कि विलुप्त होने की कगार पर है।

Gentiana Kuru flower discovered in Uttarakhand

जी हां ये उत्तराखंड वन अनुसंधान संस्थान के लिए गर्व की बात है। इस फूल का नाम है जेंटियाना कुरू। विलुप्त हो चुके इस फूल के पौधे को आमतौर पर हिमालयन जेंटियन के नाम से जाना जाता है। इस फूल की खास बात ये है कि ये कई बीमारियों के इलाज में भी काम आता है। ये फूल आम तौर पर सितंबर से अक्टूबर तक खिलता है। आगे पढ़िए इसके फायदे

ये मुख्य रूप से गढ़वाल हिमालय में 1700 से 2100 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है। हिमालयन जेंटियन को पारंपरिक हर्बल चिकित्सा प्रणालियों, आयुर्वेद में बेहद इस्तेमाल किया जाता है। इसकी जड़ों का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में होता है। जासे यकृत रोग, पाचन विकार, मधुमेह, ब्रोन्कियल अस्थमा और मूत्र संक्रमण के इलाज के लिए ये रामबाण है। इसकी जड़ें लीवर की बीमारियों के इलाज में बेहद कामयाब साबित होती हैं। अत्यधिक दोहन के कारण ये विलुप्त होने के कगार पर है। IUCN द्वारा इस फूल को गंभीर रूप से लुप्तप्राय फूल के रूप में वर्गीकृत किया गया है। अब उत्तराखंड वन अनुसंधान संस्थान ने इस फूल की खोज की है।