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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 40 मजदूरों की जिंदगी बचाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चल रहा है।
जैसे-जैसे समय बीत रहा है, हर किसी का सब्र जवाब देने लगा है। साइट पर मौजूद मजदूर साथियों ने रेस्क्यू में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए सुरंग के बाहर प्रदर्शन भी किया। उधर, गृह मंत्रालय के अधिकारी पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं। सुरंग में फंसे लोग दिवाली के दिन अपने परिवार के पास लौटने वाले थे, लेकिन रविवार सुबह हुए हादसे के चलते ये लोग सुरंग के भीतर फंसकर रह गए। मजदूरों के परिजन बेहद परेशान हैं और घटनास्थल पर पहुंचकर अपनों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। सुरंग में ड्रिलिंग के लिए अब दिल्ली से एडवांस मशीन मंगवाई जा गई है। आगे पढ़िए
अमेरिका में बनी नई ऑगर मशीन तेजी से काम करेगी। राहत एवं बचाव कार्य में मिलिट्री ऑपरेशन की टीम भी सक्रिय हो गयी है। जिला प्रशासन की ओर से सुरंग में फंसे एक-एक व्यक्ति के घर पर फोन कर उन्हें मौजूदा हालात की जानकारी दी जा रही है। वहीं खबर है कि सुरंग में फंसे कुछ मजदूरों की हालत बिगड़ने लगी है। कुछ लोगों ने बुखार, बदन दर्द और घबराहट की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें पाइप के जरिए दवाएं भेजी गईं। खाने का सामान भी पहुंचाया जा रहा है। बता दें कि रविवार सुबह यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन 4.5 किमी लंबी सुरंग में भारी भूस्खलन हो गया, जिससे वहां निर्माण में लगे 40 मजदूर फंस गए। उन्हें बाहर निकालने के लिए विभिन्न एजेंसियां जुटी हुई हैं। Uttarakhand Silkyara Tunnel में बचाव कार्य में लगे मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि बचाव अभियान जोरों पर चल रहा है। जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है।