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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के लिए 11वें दिन भी अभियान जारी है।
श्रमिकों को अब तक बाहर नहीं निकाला जा सका है, हालांकि कई पॉजिटिव खबरें जरूर आई हैं। सुरंग में 39 मीटर तक ड्रिलिंग हो चुकी है। माना जा रहा है कि रात तक बचाव अभियान खत्म हो जाएगा, और सभी श्रमिकों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया जाएगा। सिलक्यारा सुरंग में कुल 57 से 60 मीटर तक ड्रिलिंग होनी है। अधिकारियों का कहना है कि सब कुछ ठीक रहा तो आज रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म होने की उम्मीद है। भारत सरकार के पूर्व सलाहकार भाष्कर खुल्बे ने कहा कि सुरंग में ड्रिलिंग का काम तेजी से चल रहा है। मैं अगले 15 घंटे में श्रमिकों से रूबरू होना चाहता हूं। उम्मीद है ऐसा हो जाएगा। वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए सड़क निर्माण का काम भी पूरा हो गया है।
बीआरओ कार्यकर्ता सरोज मांझी ने बताया कि जहां तक लक्ष्य था वहां तक सड़क निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है और मशीनें भी पहुंच गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी टनल हादसे पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने आज सुबह सीएम धामी को फोन कर सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों के लिए भोजन, दवाइयां, अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति एवं उन्हें सकुशल बाहर निकालने हेतु चल रहे बचाव कार्यों की जानकारी ली। सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को बचाने के लिए रात भर ड्रिलिंग का काम चला। ड्रिलिंग सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। अब सुरंग में करीब 20 से 22 मीटर की दूरी रह गई है। मजदूर करीब 56 मीटर अंदर हैं। ऐसे में रेस्क्यू आपरेशन के लिए आज का दिन अहम है। बचाव ऑपरेशन में तमाम एजेंसी के साथ ही पुलिसकर्मी, आईटीबीपी जवान भी जुटे हुए हैं, उम्मीद है Uttarkashi Tunnel Rescue से जल्द ही अच्छी खबर सुनने को मिलेगी।