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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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उत्तरकाशी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (रिटा.) वीके सिंह ने गुरुवार को सिलक्यारा, उत्तरकाशी पहुंचकर सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायज़ा लिया।
इस दौरान उन्होंने टनल में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने टनल के प्रवेश द्वार पर स्थित बाबा बौखनाग के मंदिर पर शीश नवाते हुए आशीर्वाद लिया एवं सभी श्रमिकों के जल्द रेस्क्यू होने की कामना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञ प्रो अर्नोल्ड डिक्स से सुरंग में चल रहे रेस्क्यू अभियान के तकनीकी पक्ष के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने टनल में स्थापित ऑडियो कम्युनिकेशन सेटअप के माध्यम से अंदर फंसे श्रमिकों से बात की। उन्होंने श्रमिकों का हाल चाल जानते हुए उनका हौसला आफजाई की। श्रमिकों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी निरंतर स्थिति पर नजर बनाएं हुए हैं और नियमित रूप से रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं। पूरा देश आपके साथ खड़ा है। आगे पढ़िए
राज्य सरकार भी हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है। सभी श्रमिक भाई हौसला बनाएं रखें। मुख्यमंत्री धामी ने रेस्क्यू ऑपरेशन में रात दिन जुटे श्रमिकों से भी बात कर उनकी पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा आप सभी की मेहनत से रेस्क्यू कार्य सफलता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा टनल में फंसी बहुमूल्य जिंदगियों को बचाने में श्रमिकों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा रेस्क्यू ऑपरेशन में रात दिन जुटे श्रमिकों को किसी तरह की दिक्कत ना हो इसका भी विशेष ध्यान रखा गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ड्रिलिंग के दौरान पाइप के मुहाने पर फंसे धातु के टुकड़ों को पाइप के अंदर रेंगकर काटने के अत्यंत दुष्कर कार्य को सफलता पूर्वक अंजाम देने वाले श्रमिक प्रदीप यादव एवं बलविंदर की भी सराहना की।मुख्यमंत्री ने ऑगर मशीन से ड्रिलिंग की प्रक्रिया की भी जानकारी ली। उन्होंने टनल में फंसे श्रमिकों को भेजे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। मुख्यमंत्री ने कहा श्रमिकों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहे। हम सभी की प्राथमिकता उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।