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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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यहां महिला कांस्टेबल का बीमारी के चलते निधन हो गया। महिला कांस्टेबल की मौत के बाद पुलिस परिवार में शोक की लहर है। महिला कांस्टेबल गीतांजलि कैंसर से पीड़ित थी। उनका चंडीगढ़ पीजीआई में उपचार चल रहा था। बुधवार को पुलिस ने राजकीय सम्मान के साथ महिला कांस्टेबल का चित्रशिला घाट में अंतिम संस्कार किया। गीतांजलि का परिवार कमलुवागांजा, मुखानी में रहता है। 40 साल की गीतांजलि मुखानी थाने में कांस्टेबल के पद पर तैनात थीं। उनके पति हेड कांस्टेबल हैं। वे बाजपुर में तैनात हैं। बताया जा रहा है कि गीतांजलि लंबे वक्त से ब्लड कैंसर से जूझ रही थीं। आगे पढ़िए
उनका इलाज चंडीगढ़ पीजीआई से चल रहा था। बीमारी के चलते वह पांच सितंबर 2023 से अवकाश पर चल रही थीं। बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और देखते ही देखते गीतांजलि की सांसें रुक गईं। गीतांजलि के परिवार में एक बेटा और बेटी है। जो कक्षा 6 और 11 में पढ़ते हैं। इन दोनों मासूमों के सिर से अचानक ही मां का साया उठ गया। मां की मौत के बाद दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा, एसपी सिटी हरबंस सिंह, एसपी क्राइम एंड ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र ने गीतांजलि के निधन पर शोक व्यक्त किया है। महिला कांस्टेबल की मौत (Constable Geetanjali Death) के बाद उत्तराखंड के पुलिस महकमे में शोक की लहर है।