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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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तमाम करियर ऑप्शन होने के बाद भी यहां के युवा सेना में शामिल होने को तरजीह देते हैं। हल्द्वानी के हिमांशु पांडे भी इनमें से एक हैं। हिमांशु ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में एक वर्ष का प्रशिक्षण हासिल करने के बाद हिमांशु पास आउट हुए हैं। उन्हें पहली तैनाती जम्मू एवं कश्मीर में मिली है। हिमांशु मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के सेराघाट क्षेत्र के रहने वाले हैं। आगे पढ़िए
बचपन से ही होनहार रहे हिमांशु ने इंटर में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। इसके बाद उन्होंने बीटेक करने के लिए स्व. विपिन चंद्र त्रिपाठी इंजीनियरिंग कॉलेज द्वाराहाट अल्मोड़ा में दाखिला लिया। पढ़ाई के साथ-साथ वो सेना में जाने की तैयारी भी करते रहे। अपने सपने को पूरा करने के लिए हिमांशु ने कड़ी मेहनत की और सीडीएस परीक्षा में टॉप किया। अब वो सेना में अफसर बन गए हैं। हिमांशु के पिता कमल पांडे प्राइवेट फर्म में काम करते हैं, और मां दुर्गा देवी गृहिणी हैं। हिमांशु की सफलता से पूरे हल्द्वानी में खुशी की लहर है। हिमांशु पांडे को गोरखा राइफल ग्वालियर यूनिट मिली है, Lieutenant Himanshu Pandey को जम्मू-कश्मीर में पहली तैनाती मिली है।