Ranger Harish Chandra Pandey रेंजर हरीश चंद्र पांडे के बेटे ने आरोप लगाया कि उनके पिता को पेड़ काटने के मामले में फंसाया जा रहा था, तब से वह मानसिक रूप से परेशान थे।
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कोमल नेगी
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Image: Haldwani Ranger Harish Chandra Pandey Dead Body Found in Bhimtal Lake
हल्द्वानी: वन क्षेत्राधिकारी हरीश चंद्र पांडे के परिजनों का सबसे बुरा सपना दुर्भाग्य से सच हो गया। वन क्षेत्राधिकारी हरीश चंद्र पांडे बीते 15 दिन से लापता थे।
Ranger Harish Chandra Pandey Dead Body Found in Lake
परिजनों ने उनके साथ अनहोनी होने की आशंका जताई थी। बुधवार की सुबह हरीश चंद्र पांडे का शव भीमताल में झील किनारे मिला। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पर्स में मिली फोटो से लापता रेंजर हरीश चंद्र पांडे की शिनाख्त की। घटना भीमताल से हल्द्वानी जाने वाले मार्ग के पास की है। जहां पशु अस्पताल के पास सवेरे स्थानीय लोगों ने बोट स्टैंड के पास एक शव उतराता देखा। पुलिस ने लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला। शव से मिले पर्स में रेंजर हरीश चंद्र पांडे की फोटो, बिल और कुछ रुपये मिले। शव को भीमताल अस्पताल में रखवाया गया है। पुलिस ने परिजनों को शव मिलने की सूचना दी तो मृतक अधिकारी के बेटे हिताद्र पांडे अपने रिश्तेदारों के साथ पहुंचे।
बेटे हिताद्र ने अपने पिता की मौत के लिए वन विभाग के उच्च अधिकारियों पर आरोप लगाए है। बेटे ने रोते हुए बताया कि उनके पिता को पेड़ काटने के मामले में झूठा फंसाया जा रहा था। जिसके बाद से वह 29 नवंबर से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। पिता कई दिनों से लापता थे, लेकिन पुलिस की ओर से भी उनकी खोजबीन के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जबकि उनके पिता की लोकेशन भीमताल में मिली थी। बेटे हिताद्र ने ये भी कहा कि डीएफओ और एसडीओ से जब पिता की खोजबीन के लिए मिलने गए तो उन्होंने मुलाकात तक नहीं की। हिताद्र ने कहा कि ईमानदारी के चलते उनके पिता की जान गई है। वहीं पुलिस ने बताया कि शव तीन दिन पुराना लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। रेंजर हरीश चंद्र पांडे Ranger Harish Chandra Pandey तराई केंद्रीय वन प्रभाग के रुद्रपुर डिवजीन में वन क्षेत्राधिकारी के पद पर तैनात थे, वह 55 साल के थे।