Uttarakhand Weather Report: केदारनाथ में 2 फीट तक बर्फबारी, शीतलहर की चपेट में केदारघाटी, जानिए मौसम का हाल

Uttarakhand Weather Update केदारनाथ धाम से आठ किमी नीचे रामबाड़ा तक पूरा क्षेत्र बर्फ से अटा पड़ा है। केदारपुरी में एक फीट से दो फीट बर्फ जम चुकी है।
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Uttarakhand Weather Update 16 December: Uttarakhand Weather Update 16 December
Image: Uttarakhand Weather Update 16 December

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में मौसम फिर बदल गया है। बीते दिनों हुई बारिश-बर्फबारी के बाद यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्त्रोतों और सरोवरों का पानी जम गया है।

Uttarakhand Weather Update 16 December

अक्टूबर से अभी तक प्रदेश के कई जिलों में चार बार हिमपात हो चुका है, हालांकि भारी हिमपात अभी नहीं हुआ है। इन दिनों ज्यादातर जगह मौसम शुष्क है। मौसम विभाग का कहना है कि 18 दिसंबर तक मौसम में बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं है। मौसम साफ रहेगा, हालांकि शीतलहर कंपकंपी छुड़ाती रहेगी। चारधामों ने भी बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। केदारनाथ में तापमान माइनस में पहुंच गय है। यहां तीन दिन बाद शुक्रवार को मौसम खुलने पर केदारनाथ हेलीपैड से बर्फ हटाई जा सकी। इसके बाद ही वायु सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर ने वहां पांच टन निर्माण सामग्री पहुंचाई। हालांकि केदारनाथ धाम से आठ किमी नीचे रामबाड़ा तक पूरा क्षेत्र बर्फ से अटा पड़ा है। केदारपुरी में एक फीट से दो फीट बर्फ जम चुकी है। कड़ाके की ठंड के बावजूद यहां पुनर्निर्माण कार्य जोर-शोर से जारी हैं। यह सभी कार्य अगले यात्रा सीजन शुरू होने से पूर्व पूरे किए जाने हैं। आगे पढ़िए

पिथौरागढ़ में भी ठंड बढ़ने के साथ ही उच्च हिमालय में 12 से 13 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर जल स्रोत के जमने का सिलसिला जारी है। चीन सीमा से लगी व्यास घाटी में अभी गुंजी, कालापानी तक वाहन संचालन जारी है, लेकिन यहां पानी पाइप में जमने लगा है। जिससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों व बीआरओ को इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 12 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर तापमान माइनस 8 से 10 डिग्री पहुंच चुका है। उत्तराखंड का शीतकालीन पर्यटन यहां होने वाली बर्फबारी पर निर्भर है। ऐसे में इस साल दिसंबर के अंत तक अच्छी बर्फबारी होने के आसार है। प्रदेश भर में साल 2014 के दिसंबर महीने में रिकॉर्ड बर्फबारी हुई थी। इस साल पूरे राज्य में 24 इंच बर्फबारी दर्ज की गई थी। इससे पहले साल 2005 में 3.8 इंच बर्फबारी हुई थी। जबकि बीते साल नवंबर और दिसंबर के महीने में ना के बराबर बर्फबारी देखने को मिली थी। इसकी बड़ी वजह विंटर बारिश का कम होना बताया गया था। इस साल दिसंबर के अंत में प्रदेश में अच्छी बर्फबारी हो सकती है। इससे विंटर ट्रैक जैसे दयारा बुग्याल, नाग टिब्बा व हिल स्टेशन जैसे औली, मसूरी व नैनीताल में पर्यटकों की अच्छी भीड़ देखने को मिलेगी। मौसम की तमाम जानकारी के लिए Uttarakhand Weather Update पढ़ते रहें।