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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: देहरादून शहर जाम की समस्या से जूझ रहा है। वीकेंड पर तो यहां बाजारों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती।
साल दर साल शहर में वाहनों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन संसाधन सीमित हैं। ऐसे में अब यहां के आढ़त बाजार को रेलवे स्टेशन रोड से शिफ्ट करने की कवायद शुरू हो गई है, जो कि शहर में लगने वाले जाम की मुख्य वजहों में से एक है। नया आढ़त बाजार पटेलनगर में बसाया जाएगा। नए स्थल पर आढ़त बाजार को शिफ्ट करने के लिए करीब 145 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। एमडीडीए ने नए स्थल पर आढ़त बाजार के विकास के लिए टेंडर भी आमंत्रित कर दिए हैं। इसका लेआउट भी सामने आ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आढ़त बाजार शहर का सबसे बड़ा बॉटल नेक है। यहां सड़क के चोक हिस्से को खोलने के लिए कई बार कोशिशें की गईं, लेकिन कोई योजना परवान नहीं चढ़ पाई। ऐसे में एमडीडीए आढ़त बाजार को नई जगह शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। साथ ही सहारनपुर चौक से लेकर तहसील चौक तक सड़क के 1.55 किलोमीटर भाग को 24 मीटर तक चौड़ा किया जाना है। ताकि जाम की समस्या को दूर किया जा सके। आगे पढ़िए
नए आढ़त बाजार में 60, 120, 180 व 240 वर्गमीटर के प्लाट तैयार किए जाएंगे। इसी के मुताबिक मुआवजे की गणना की जाएगी। उदाहरण के लिए अगर किसी कारोबारी की आढ़त बाजार में 120 वर्गमीटर की जगह थी और वह नए स्थल पर 60 वर्गमीटर की जगह चाह रहा है तो उसे शेष आकार के हिसाब से मुआवजा देने का प्रविधान किया गया है। नया आढ़त बाजार पटेलनगर में 100 बीघा जमीन पर बनाया जाएगा। इसके लिए पटेलनगर कोतवाली के पीछे की चयनित 7.7 हेक्टेयर भूमि को आवास विभाग को राज्य कैबिनेट ने निःशुल्क हस्तांतरित कर दिया था। इसके साथ ही भू-उपयोग परिवर्तन में लगने वाले शुल्क समेत सड़क चौड़ीकरण के लिए लोनिवि के पक्ष में रजिस्ट्री के स्टांप शुल्क को भी माफ किया जा चुका है। सरकार की ओर से दी गई यह छूट करीब 260 करोड़ रुपये की है। शहर के अन्य क्षेत्रों के आढ़ती भी नए बाजार में स्थल आवंटित करा सकते हैं। इसके लिए शिफ्टिंग (Dehradun arhat market shift) के साथ प्लाट खरीद जैसे दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।