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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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देहरादून: महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर है। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों का उच्चीकरण होगा। ऐसा होने पर इन केंद्रों में 5 हजार से ज्यादा महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर मूर्त रूप देने में आंगनबाड़ी केंद्रों का विशेष योगदान है। अब आंगनबाड़ी केंद्र आने वाले दिनों में पांच हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध कराएंगे। राज्य में 5120 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में उच्चीकृत होने पर प्रत्येक में एक-एक सहायिका की नियुक्ति की जाएगी। यह जानकारी महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने दी। सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी व मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ता और सहायिकाओं के रिक्त पदों का ब्योरा मांगा गया है। साथ ही इन पर नियुक्ति के संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र सरकार ने राज्य में संचालित 5120 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाड़ी केंद्रों के रूप में उच्चीकृत करने की सहमति दी है। उम्मीद है कि इस माह के अंत तक केंद्र से स्वीकृति मिलने पर इन मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों का उच्चीकरण शुरू हो जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ता व सहायिकाओं के कई पद रिक्त चल रहे हैं। हाल में 167 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नत हुई हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के ये पद रिक्त हुए हैं। कुछ पद पहले से खाली हैं। कार्यकर्ता व सहायिकाओं के रिक्त पदों का ब्योरा मांगा गया है। साथ ही इन पर नियुक्ति के संबंध में प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता के साथ सहायिका की भी नियुक्ति होती है। इस प्रकार मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के उच्चीकृत होने पर वहां 5120 महिलाओं को सहायिका के रूप में रोजगार (Uttarakhand Anganwadi Bharti) उपलब्ध हो सकेगा।