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देहरादून: उत्तराखंड के तेजतर्रार आईपीएस अफसर अरुण मोहन जोशी ने एक और शानदार उपलब्धि हासिल की है। वह देश के सबसे कम उम्र (40 साल) के आईजी बन गए हैं।
कुछ दिन पहले ही शासन ने उनकी डीपीसी पर मुहर लगाई थी। आईपीएस अरुण मोहन जोशी वर्ष 2006 में सबसे कम उम्र (23 साल) में आईपीएस बने थे। 22 दिसंबर, 2023 को उत्तराखंड सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की डीपीसी संपन्न हुई। डीपीसी में वर्ष 2006 बैच की आईपीएस अधिकारी पुलिस उप महानिरीक्षक स्वीटी अग्रवाल, अरुण मोहन जोशी, अनंत शंकर ताकवाले तथा राजीव स्वरूप को एक जनवरी 2024 से पुलिस महानिरीक्षक पद पर पदोन्नति प्रदान करने का निर्णय लिया गया। वर्ष 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार तथा धीरेंद्र गुंज्याल को एक जनवरी 2024 से सेलेक्शन ग्रेड प्रदान करने का निर्णय लिया गया। सोमवार को पदोन्नति पाने वाले सभी अधिकारियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में पदोन्नति बैज प्रदान किए।
यहां हम आईजी अरुण मोहन जोशी की बात करेंगे, जिन्होंने देश के सबसे कम उम्र के आईजी होने का कीर्तिमान हासिल किया है। आईपीएस अरुण मोहन जोशी चकराता के रहने वाले हैं। उनकी पढ़ाई देहरादून और हरिद्वार में हुई। आईपीएस अरुण मोहन जोशी के तीन भाई और एक बहन हैं। आईपीएस बनने से पहले वह आईआईटी रुड़की में इंजीनियरिंग कर रहे थे। वह वर्ष 2006 में सबसे कम उम्र (23 साल) में आईपीएस बने थे। हालांकि, इसके बाद देश में अन्य अफसर कम उम्र में आईपीएस बनने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा चुके हैं। आईजी के मामले में 2004 बैच के आईपीएस गौरव राजपूत वर्ष 2022 में 41 साल की उम्र में देश के सबसे कम उम्र के आईजी बने थे। अब उत्तराखंड कैडर के 2006 बैच के आईपीएस अरुण मोहन जोशी IPS Arun Mohan Joshi ने 40 साल की उम्र में आईजी बनने का गौरव हासिल किया है।